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हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर तेजी से पिघल रहे हिमखंड, तीर्थयात्रियों के लिए बढ़ा खतरा 

Fri, 14 Jun 2019 09:50 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
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हेमकुंड साहिब - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में पांचवें धाम के रुप में प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब के आस्था पथ पर तेजी से पिघल रहे हिमखंड खतरे का सबब बने हुए हैं। यहां अटलाकुड़ी से हेमकुंड साहिब तक तीन किलोमीटर की यात्रा हिमखंडों के बीच एसडीआरएफ की निगरानी में चल रही है।

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जिला प्रशासन की ओर से इस क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से अटलाकुड़ी में ग्लेशियर के बाहर से वायरक्रेट वाल लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है, ताकि पिघलते हिमखंडों की तलहटी में पानी के साथ आने वाले मलबे से मार्ग में चल रहे तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। 

हेमकुंड साहिब क्षेत्र में इस वर्ष भारी मात्रा में बर्फबारी होने से तीर्थयात्रा के संचालन में खासी दिक्कतें आ रही हैं। हेमकुंड साहिब में अभी भी लगभग छह फीट तक बर्फ जमी हुई है, जबकि अटलाकुड़ी से घांघरिया तक जगह-जगह तीन से छह फीट तक बर्फ जमी हुई है। 

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घांघरिया में यात्रा मजिस्ट्रेट तैनात

तीर्थयात्री एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे हैं। हिमखंडों के बीच बने रास्ते में तीर्थयात्रियों को रुकने नहीं दिया जा रहा है। एसडीआरएफ के जवान असहाय तीर्थयात्रियों को हाथ पकड़कर सकुशल धाम तक पहुंचा रहे हैं। 

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि हेमकुंड साहिब के रास्ते में जिन स्थानों पर हिमखंडों के बीच से तीर्थयात्रा गुजर रही है, वहां एसडीआरएफ के जवान तैनात हैं। हिमखंडों के हिल साइड वायरक्रेट वाल लगाई जा रही है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। 

हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया में यात्रा मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। हेमकुंड साहिब में तहसीलदार की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल राहत, बचाव कार्य किया जा सके। 
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80 हजार तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं हेमकुंड साहिब 

इस बार हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी चरम पर है। अभी तक लगभग 80 हजार तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। प्रतिदिन पांच से सात हजार तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं।

गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बेहतर चल रही है। तापमान बढ़ने से धीरे-धीरे हिमखंड पिघल रहे हैं। तीर्थयात्रियों के लिए घांघरिया और गोविंदघाट में ठहरने और खाने की समुचित व्यवस्था की गई है। 
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