पिछले वर्ष सरकार ने एक शासनादेश जारी कर इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया था, जिसके बाद से ही बीएड टीईटी प्रशिक्षित सरकार के फैसले का विरोध कर रहे थे।
दो तरह के विद्यालय चलेंगे
प्रदेश में अब केवल दो तरह के विद्यालय चलेंगे। कक्षा पहली से पांचवीं तक के प्राथमिक और छठवीं से 12वीं तक के माध्यमिक। छठवीं से आठवीं तक के जूनियर हाईस्कूल और नौवीं-दसवीं वाले हाईस्कूूल को सरकार पूरी तरह बंद करेगी।
इनके शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा। वहीं, प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नति के अवसर देने के लिए एलटी पदोन्नति में उनका कोटा बढ़ाकर 40 फीसदी किया जाएगा। अभी 30 फीसदी पदोन्नति और 10 फीसदी परीक्षा के आधार पर प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नत किया जाता है।