देहरादून में गौरा देवी कन्या धन योजना का हाल देखकर डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम गुस्सा गए। डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी राम अवतार सिंह को आड़े हाथों लिया और वेतन रोकने का आदेश कर दिया।
पढ़ें, जेल जाएंगे बालकृष्ण या मिलेगी जमानत
साथ यह भी कहा कि जब तक योजना का लक्ष्य पूरा नहीं होगा, वेतन नहीं मिलेगा। देहरादून समेत प्रदेश के अन्य जिलों में गौरा देवी कन्या धन योजना का कड़वा सच अमर उजाला ने पहले ही उजागर कर दिया था। गुरुवार को समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी पुरुषोत्तम ने पाया कि जितना योजना का लक्ष्य है उससे कम आवेदन आए हैं।
यहीं से उनका मूड खराब होना शुरु हो गया। वह बोले कि जो अधिकारी और पटल सहायक सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं, उनका किसी भी दशा में वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के पात्र लाभार्थियों की सूची जिला शिक्षाधिकारी से प्राप्त करके सभी विकासखंडों को भेजी जाए।
पढ़ें, शांतिकुंज के साधक पहनेंगे ‘जेल’ के कपड़े
एडीओ समाज कल्याण और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से छात्राओं के आवेदन फार्म भरवाएं और उन्हें योजना से लाभान्वित कराएं। शिक्षा विभाग के अधिकारी पात्र छात्राओं की सूची उपलब्ध नहीं करा पाए। इससे भी जिलाधिकारी नाराज हो गए।
जांच ठंडे बस्ते में
समाज कल्याण विभाग के निदेशक बदल जाने से गौरादेवी कन्या धन योजना की जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। उत्तराखंड के कई जिलों में इस योजना का लाभ पात्रों को दिया ही नहीं गया। इस पर निदेशक की अगुवाई में जांच बैठाई गई थी। निदेशक के तबादले से यह अधर में लटक गई है
निर्धन बेटियों का विवाह अनुदान 50 हजार
अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्ति की पुत्री की विवाह अनुदान राशि 20 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है। इसमें क्षेत्रीय विधायक की भी अनुमति ली जाती है। समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि इस योजना के मद में 34 लाख 30 हजार रुपए धनराशि प्राप्त हुई है। उपलब्ध बजट से 68 पात्रों को लाभान्वित किया जा सकता है।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...