पुलिस की पूछताछ में शादी के नाम पर धोखाधड़ी से बचाई यूपी के एक जिले की 18 वर्षीय युवती ने बताया कि उसकी बुआ ने नौकरी का लालच देकर उसे बुलाया था और दो माह तक अपने पास रखा। इसके बाद वह यूपी चली गई। दो-तीन दिन पहले शादी अच्छे घर में तय करने की बात कह कर उसे यहां लाया गया।
उसे जब बेचने की बात पता चली तो वह डर कर विरोध भी नहीं कर सकी। दूसरी युवती उत्तराखंड की है। 20 वर्षीय इस युवती ने बताया कि आठ वर्ष से नौकरी करती है। एक परिचित ने उसकी मां से उसकी शादी की बात कही और उसे यहां बुलाया। उसे यहां आकर पता चला कि शादी करने के लिए लाखों रुपये के लेन देने की बात हो रही है।
ये आए पुलिस की गिरफ्त में
ध्यानपुर नानकमत्ता ऊधम सिंह नगर निवासी परमजीत सिंह पुत्र गुरु चरण सिंह, इसी गांव का रंजीत सिंह पुत्र पूरन सिंह, केथोलिया थाना नानकमत्ता ऊधम सिंह निवासी परमजीत कौर पत्नी स्व. कुलदेव सिंह, ग्राम कैमाचोखी धनकुना जिला पीलीभीत निवासी रेशमा देवी उर्फ सुनीता पत्नी स्व. पूरन लाल उर्फ मुन्ना लाल उर्फ नीरज, बरूवाबाग सिसौना थाना सितारगंज ऊधम सिंह नगर निवासी सुरेंद्र कौर उर्फ मंजीत उर्फ सरदारनी पत्नी भगत सिंह, प्रतापपुर थाना नानकमत्ता ऊधम सिंह नगर निवासी कश्मीर सिंह पुत्र मंगल सिंह शामिल हैं। पकड़ गए गिरोह के सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 370, 420, 120 बी, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।
गिरोह को दबोचने वाली टीम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई की प्रभारी मंजू पांडेय, कांस्टेबल गणेश बिष्ट, रवि जोशी, मुन्ना सिंह, सुभाष जोशी, लक्ष्मी, पवन, मानवाधिकार संस्था कार्यकर्ता के विनय शुक्ला, रीड्स संस्था के प्रकाश आर्य, भावना चंद शामिल थे।
स्वयंसेवी संस्था रीड्स और मानवाधिकार के कार्यकर्ताओं के सहयोग से गिरोह को दबोचने की योजना बनाई गई। खटीमा में गिरोह के सरगना और सक्रिय एजेंट समेत छह लोगों को पकड़ा गया है। दो लड़कियों को गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया गया है। पूछताछ में गिरोह के सरगना ने बताया कि वह विभिन्न राज्यों में शादी का झूठा नाटक कर लड़कियों को शादी कर भेजते हैं और मौका पाकर लड़कियों के द्वारा घर का कीमती सामान लेकर अपने पास वापस बुला लेते हैं।
-मंजू पांडेय, प्रभारी उपनिरीक्षक, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई, बनबसा