अपहरणकर्ताओं की आंखों में धूल झोंकने के लिए बैग में रकम की जगह में कागजों की रद्दी भरी गई थी। अपहरणकर्ता लगातार गुलशेर के फोन से एजाज और उसके परिजनों से संपर्क साध रहे थे। इसी लिहाज से पुलिस भी अपनी योजना बदलती गई।
बेरहमी से की गई प्रापर्टी डीलरों की पिटाई
अपहरणकर्ताओं ने दोनों प्रापर्टी डीलरों गुलशेर और तौसिफ की बेरहमी से पिटाई की। शरीर पर चोटों के निशान इसकी गवाही दे रहे हैं। गुलशेर का कहना था कि रात में शराब पीने के बाद आरोपियों ने उन्हें बुरी तरह पीटा। उसके मोबाइल नंबर से ही अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम मांगी थी। उन्हें दो स्थानों पर रखा गया था।
लालच में फंसे प्रापर्टी डीलर
एसपी सिटी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने लालच देकर प्रापर्टी डीलरों को अपने जाल में फंसाया था। दोनों डीलर देहरादून में एक करोड़ की जमीन को 30 लाख रुपये में खरीदने के चक्कर में आए थे। गुलशेर का कहना था कि आरोपियों ने उन्हें पेशगी के तौर पर दो लाख रुपये लाने को कहा था, लेकिन वे 40 हजार रुपये ही लाए थे। इससे भी आरोपी काफी आग बबूला थे।
पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने एसपी सिटी श्वेता चौबे के निर्देशन में गठित टीम में शामिल सीओ अरविंद सिंह रावत, इंस्पेक्टर नदीम अतहर, एसएसआई राकेश शाह, बिंदाल चौकी प्रभारी विवेक राठी, उप निरीक्षक वेद प्रकाश, कांस्टेबल प्रदीप, अरुण कुमार, प्रमोद, प्रदीप अरविंद और ललित और अमित को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।