देहरादून स्थित पिकनिक स्पॉट गई युवती ने नशे में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने कई घंटे की मशक्कत के बाद जैसे-तैसे मेडिकल कराकर उसे परिजनों के हवाले किया।
सोमवार सुबह अस्पताल में भर्ती हुई युवती की बहनों ने पुलिसकर्मियों पर रेप का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। दिन भर मामले में जांच के बाद रात में एसएसपी ने आरोप को झूठा बताया। हालांकि, पुलिस रेप का मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही है।
रायपुर क्षेत्र की तीन सगी बहनों ने रविवार रात निर्माणा पार्क स्थित बार में बीयर का सेवन किया था। दो बहनें तो घर लौट गईं, जबकि तीसरी बहन थोड़ी देर में आने की बात कहकर एक युवक के साथ बीयर पीने लगी। पुलिस की माने तो 12.15 बजे के करीब 100 नंबर पर कॉल आई कि एक युवती निर्माणा पार्क के पास सड़क पर हंगामा कर रही है।
इसके बाद रायपुर एसओ ने चीता मोबाइल और दो महिला कांस्टेबलों को मौके पर भेजा। नशे में धुत युवती को वाहन में लाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे-तैसे पुलिसकर्मी उसे लेकर रायपुर थाने आए, जहां से उसे कोरोनेशन अस्पताल भेज दिया गया।
गाली-गलौज और हंगामा करने के कारण कोरोनेशन अस्पताल के चिकित्सक ने उसका मेडिकल करने से मना कर दिया। फिर युवती को दून अस्पताल लाया गया। दून अस्पताल में मुश्किल से मेडिकल कराने के बाद मोबाइल से उसके बारे में जानकारी हासिल की गई। इसके बाद युवती को उसके बहन के सुपुर्द किया गया।
सोमवार सुबह युवती की हालत खराब होने पर उसकी बहनें उसे लेकर दून अस्पताल आ गई। बहनों ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उसके साथ रेप किया है। इस आरोप से पुलिस में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी अजय सिंह, रायपुर एसओ अबुल कलाम और कोतवाली इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट दून अस्पताल आकर पीड़ित पक्ष से बातचीत की।
बहनों ने कार्रवाई करने के लिए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। बाद में युवती की बहन ने वर्दी पर रेप का आरोप लगाते हुए अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
एसएसपी सदानंद दाते और एसपी सिटी अजय सिंह दिन भर अपने स्तर से मामले की जांच पड़ताल कराते रहे। इनका कहना है कि पुलिस पर रेप का आरोप निराधार है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित युवती के दिवगंत पिता सेना में रहे थे।