उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र में शनिवार को डायरिया की चपेट में आने से एक किशोरी की मौत हो गई। मोहल्ला बंदरटोल निवासी सुक्का की पुत्री अलीशा (12) को शनिवार सुबह तबियत खराब हो गई। उसे उल्टी दस्त आने शुरू हो गए।
उसे स्थानीय चिकित्सक को दिखाया गया। लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई है। परिजनों ने उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है।
स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. पीके सिंह के मुताबिक उन्हें इस बारे में सूचना मिली है। टीम को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।
उल्टी-दस्त पर दें ओआरएस का घोल
स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी के अनुसार, उल्टी-दस्त होने पर तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए। इस बारे में आशाओं को भी निर्देश दिए गए हैं। डायरिया होने पर जिंक सिरप दिया जाना चाहिए। छह माह से कम के बच्चों को दस एमएल प्रतिदिन तथा इससे बड़े बच्चों को 20 एमएल प्रतिदिन 14 दिन तक दिया जाना चाहिए।
....ताकि न हों बीमार
डायरिया बरसात में होने वाली प्रमुख बीमारी है। नम वातावरण में हानिकारक जीवाणु तेजी से पनपते हैं। बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें उबला हुआ या फिल्टर पानी ही दिया जाना चाहिए।
बाजार में बिकने वाले कटे फलों को नहीं खाना चाहिए। खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने चाहिए। फल और सब्जियों को प्रयोग करने से पहले अच्छे से साफ करना चाहिए। बासी खाना खाने से बचना चाहिए।