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Ghazwa-E-Hind Case: बांग्लादेशी युवक अपने मंसूबे पूरे करने में जुटा था, पुलिस के सत्यापन अभियान पर उठ रहे सवाल

Wed, 12 Oct 2022 03:47 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर  देहरादून।

सार

Ghazwa-e-Hind case: यूपी एटीएस ने उत्तराखंड एसटीएफ की मदद से हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमे से एक बांग्लादेश का रहने वाला है। हरिद्वार जैसे संवेदनशील जिले में पुलिस सघन सत्यापन अभियान चलाने का दावा करती है। बावजूद इसके लंबे समय तक यह युवक यहां रहकर अपने मंशूबों को पूरा करने में जुटा था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गजवा-ए-हिंद मॉड्यूल से संबंध रखने वाले बांग्लादेशी युवक (संदिग्ध आतंकी) का हरिद्वार से पकड़ा जाना पुलिस के सत्यापन अभियान और स्थानीय इंटेलीजेंस पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। हरिद्वार जैसे संवेदनशील जिले में पुलिस समय-समय पर सघन सत्यापन अभियान चलाने का दावा करती है। बावजूद इसके लंबे समय तक यह युवक यहां रहकर अपने मंशूबों को पूरा करने में जुटा था।

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हालांकि, यह मामला सामने आने के बाद फिर से सघन सत्यापन अभियान चलाने की बात कही जा रही है। बता दें कि यूपी एटीएस ने उत्तराखंड एसटीएफ की मदद से हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमे से एक बांग्लादेश का रहने वाला है। इनका जुड़ाव कुछ आतंकी संगठनों से बताया जा रहा है। इसके साथ ही वह गजवा-ए-हिंद विचारधारा को युवाओं में फैैला रहे थे।

बताया जा रहा है कि उन्हें आतंकी फंडिंग के जरिये धन भी मुहैया कराया जा रहा था। हालांकि, इस मामले की विस्तृत जांच यूपी एटीएस कर रही है। इसके बाद ही पता चल सकता है कि ये युवक उत्तराखंड में रहकर किस तरह की योजना बना रहे थे। मगर, बांग्लादेशी युवक का यहां पहचान छुपाकर रहना क्षेत्रीय इंटेलीजेंस पर भी सवाल खड़े करता है।

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सत्यापन अभियान चलाया जा रहा
हरिद्वार में साल भर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसके लिए सत्यापन अभियान चलाया जाता है। ताकि, किसी अप्रिय घटना को होने से पहले रोक दिया जाए। साथ ही रुड़की क्षेत्र में इन दिनों धर्म विशेष का कार्यक्रम भी चल रहा है। इससे पहले यहां के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाया गया था। बावजूद इसके यह युवक किसी की पकड़ में नहीं आ सका। युवक के यहां पर किस-किस से संबंध थे और उसने किन लोगों को अपने संपर्क में लिया था यह बात भी अभी जांच में आनी बाकी है।

इस मामले के बाद अब पुलिस मुख्यालय ने सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान के निर्देश दिए हैं। ताकि, भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में पुलिस प्रवक्ता सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि यूपी एटीएस से लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है। इनकी गतिविधि के बारे में भी पता किया जा रहा है। फिलहाल सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। 

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अगस्त में पकड़ी गई थी बांग्लादेशी महिला
अगस्त माह में केंद्र सरकार के निर्देश पर पुलिस ने सत्यापन अभियान चलाया था। इस दौरान ऋषिकेश से एक बांग्लादेशी महिला पकड़ी गई थी। महिला यहां पर बीते डेढ़ दशक से रह रही थी। उसने कोलकाता के रास्ते भारत में प्रवेश किया था और भारतीय पासपोर्ट बनवाकर ऋषिकेश में रह रही थी।
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