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जनरल-ओबीसी कर्मचारियों के निशाने पर आईं राज्यमंत्री रेखा आर्य, बोले- दादागिरी दिखा रही हैं

Thu, 13 Feb 2020 10:19 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • कर्मचारी नेताओं ने बोला हमला, कहा- दादागिरी तो राज्यमंत्री दिखा रही हैं
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राज्यमंत्री रेखा आर्य - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड में सीधी भर्ती के आरक्षण रोस्टर के परीक्षण को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक का बायकाट करने पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य जनरल ओबीसी कर्मचारियों के निशाने पर आ गई हैं। राज्यमंत्री के तल्ख तेवरों से बुधवार को सरकार भी असहज नजर आई। रोस्टर में किसी भी बदलाव के खिलाफ आंदोलन की धमकी देने वाले उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने राज्यमंत्री पर हमला बोला कि वह दादागिरी दिखा रही हैं।

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मंगलवार को राज्यमंत्री रेखा आर्य कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में शामिल नहीं हुई थी। बैठक में न आने की वजह उन्होंने कार्मिक विभाग की मनमानी को बताया था। बुधवार को कैबिनेट की ब्रीफिंग के दौरान राज्यमंत्री की नाराजगी का प्रश्न उपसमिति के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के समक्ष भी उठा। कौशिक ने सरकार के बचाव की काफी कोशिश की, लेकिन वे राज्यमंत्री के असंतोष को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। 

उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री से बातचीत करके मामले को निपटा लिया जाएगा। राज्यमंत्री ने यह निवेदन किया था कि एक रिटायर्ड अधिकारी को भी बैठक में बुला लिया जाए। आगे जो बैठक होगी, उसमें उपसमिति के सदस्य रेखा आर्य और सुबोध उनियाल भी आएंगे।

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साथ ही दोनों पक्षों के रिटायर्ड अफसरों को भी बुला लिया जाएगा। मंगलवार को उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाया था। उधर, कर्मचारी संगठनों ने राज्यमंत्री के बयान पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने कहा कि राज्यमंत्री ने कमेटी की बैठक का बायकाट करके एक तरह से प्रदेश सरकार और कैबिनेट की अनदेखी की है। एसोसिएशन ने उनके इस्तीफे की मांग की। 

कर्मचारी राज्यमंत्री के रवैये से बेहद आहत हैं। वह सभी की मंत्री हैं, इसलिए उनकी तटस्थ भूमिका की अपेक्षा की जाती हैं। हम उन्हें अपना पक्ष सुनाना चाहते थे। लेकिन उन्होंने बैठक का ही बायकाट कर दिया। उनका यह रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना है। इससे जनरल ओबीसी कर्मचारियों में बहुत नाराजगी है। यदि उन्होंने ऐसा ही रुख अपनाया तो इसे सहन नहीं किया जाएगा।
- दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन

प्रदेश सरकार ने उन्हें मंत्रिमंडलीय उपसमिति का सदस्य बनाया। उन्हें मुख्यमंत्री के फैसले का सम्मान करना चाहिए। लेकिन उन्होंने बैठक का बहिष्कार करके गैर जिम्मेदारी का परिचय दिया है। उन्हें राज्यमंत्री पद पर बने रहने का अब कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
- वीरेंद्र सिंह गुसांई, प्रदेश महासचिव, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन
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समर्थन में आया एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन

उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने राज्यमंत्री रेखा आर्य के स्टैंड का समर्थन किया है। फेडरेशन ने कहा कि एससी एसटी कर्मचारी और समाज के लोग उनके साथ खड़े हैं। रेखा आर्य का विरोध करने वालों को फेडरेशन ने कहा कि वे मंत्रियों व विधायकों को बांटने का प्रयास न करें।

फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करमराम ने कहा कि कोई यदि हमारे हित की बात करता है तो उसका विरोध किया जाना संकीर्ण मानसिकता का परिचय है। रेखा आर्य मंत्री हैं। चूंकि वे इस वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए उनकी एससी एसटी समाज के प्रति जवाबदेही बन जाती है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग के कई विधायक फेडरेशन के संपर्क में हैं। 
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