उत्तराखंड में केंद्रीय निर्वाचन आयोग के उपायुक्त विनोद जुत्शी ने चुनावी तैयारियों की थाह ली और जिलाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि आचार संहिता के मामलों पर त्वरित कार्रवाई हो।
भयमुक्त व निष्पक्ष चुनाव सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त ने धर्म की आड़ में चुनावी राजनीति करने वालो के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि भयमुक्त व निष्पक्ष चुनाव कराना ही आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चुनावी तैयारी का जायजा
निर्वाचन उपायुक्त विनोद जुत्शी ने जिलाधिकारियों, डीआईजी रेंज व एसएसपी/एसपी के साथ चुनावी तैयारी का जायजा लिया। सीईओ राधा रतूड़ी, ज्वाइंट सीईओ सौजन्या भी मौजूद रही।
इससे पहले राजनीतिक दलों की बैठक में जो शिकायतें मिली उन्हें भी उपायुक्त ने अफसरों की बैठक में रखा। उपायुक्त जुत्शी ने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर देरी से कार्रवाई होने की शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट किया कि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई अमल में लाई जाए। राजनीतिक दलों के हाथ की कठपुतली बन नेताओं को पुतला जलाने वाले गैर राजनीतिक दलों पर भी नजर रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि बगैर इजाजत कोई इस तरह का कार्य ना करे।
उपायुक्त ने फिर पेड न्यूज व सोशल साइट पर हो रहे चुनाव प्रचार की फिर दोहराई और डीएम व एसएसपी को कोड ऑफ कंडैक्ट के हिसाब से कार्रवाई करने को कहा। चुनाव प्रचार सामग्री ले जाने के लिए दुनिया भर के वाहनों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
हर दल के प्रदेश अध्यक्ष को तीन वाहनों का परमिट दिया जाए। चुनाव प्रचार रथ के लिए भी अनुमति लेनी होगी।
शहरी क्षेत्रों में निकायों द्वारा होर्डिंग लगाने के मामले में भेदभाव की शिकायत पर भी जुत्शी ने जिलाधिकारियों को कसा। जिस निकाय में जिस भी दल का बोर्ड है वहां पर दूसरे दल को पर्याप्ट साइट आदि नहीं मिलने की शिकायतों का ख्याल रखे।
वोट डालने के लिए इस बार राशनकार्ड नहीं
राशनकार्ड दिखाकर वोट डालने के विकल्प पर आयोग ने ब्रेक लगा दिया है। निर्वाचन आयोग के उपायुक्त विनोद जुत्शी ने कहा कि राशनकार्ड से मताधिकार का प्रयोग नहीं हो सकेगा।
शत प्रतिशत एपिक और, फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार है। इसलिए अब राशनकार्ड की कोई गुंजाइश नहीं। इसके अलावा और क्या विकल्प हो सकते हैं इसका निर्णय जल्द होगा। लेकिन राशनकार्ड तो बिल्कुल नहीं।