गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने बताया कि इस अनूठी पहल का उद्देश्य वातावरण परिशोधन, समग्र स्वास्थ्य, मानव में गुणों का विकास, सकारात्मक ऊर्जा संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण है।
हवन का यह कार्यक्रम तीन चरण में होगा। पहले चरण में पुरोहित का प्रशिक्षण, यज्ञ से पूर्व जनसंपर्क, स्थान का चयन आदि व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए देशभर में पुरोहित प्रशिक्षण का क्रम शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा प्रारंभ हो चुका है।
दूसरा चरण में यज्ञीय कार्यक्रम का आयोजन और तीसरे चरण में मंडलों का निर्माण, साप्ताहिक स्वाध्याय और गतिविधियों का प्रारंभ और संचालन होगा।