- आबादी से सटे हरिद्वार समेत कई रेंजों में कूड़ा फेंका जा रहा
- वन्यजीवों के व्यवहार में दिख रहा बदलाव
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व (आरटीआर) में आबादी से सटे हरिद्वार, चीला रेंज में कूड़े के ढेर लगे हैं। यहां पर भोजन की तलाश में वन्यजीव पहुंच रहे हैं। अब आरटीआर प्रबंधन कूड़े को हटाने के लिए पीसीबी से मदद लेगा। इस संबंध में पीसीबी के साथ प्रारंभिक बातचीत होने के साथ सहमति हो चुकी है।
पहाड़ों में भालू के हमले की घटना बढ़ी है। भालू के आबादी के पास पहुंचने का एक कारण कूड़े का ढेर है। कमोबेश यही हाल तराई और भाबर के सटे जंगलों का भी है। यहां भी आबादी के करीब कूड़ा फेंका जा रहा है। राजाजी टाइगर रिजर्व के हरिद्वार रेंज, चीला रेंज और मोतीचूर रेंज में कूड़े की समस्या बनी हुई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान ने यहां पर अध्ययन किया था। इसमें कूड़े में भोजन की तलाश में हिरन, सांभर, चीतल, सेही के कैमरा ट्रैप में फोटो भी आए थे। एक फोटो में सियार और सांभर भी साथ-साथ दिखे थे। जहां पर मांस फेंका गया था, वहां पर तेंदुआ पहुंचा हुआ था। अब वन विभाग कूड़े के ढेर हटाने के लिए पीसीबी से मदद लेने का फैसला किया है।
कूड़ा हटाने के साथ लोगों को भी करेंगे जागरूक
देहरादून। आरटीआर के निदेशक कोको रोसे ने बताया कि कई रेंज है, जहां पर आबादी से सटे इलाके में कूड़ा फेंका जा रहा है, यह समस्या बना हुई है। मोतीचूर रेंज में जहां पर एलिवेटेड सड़क बनी है, उसके ऊपर से लोग कूड़ा फेंक देते हैं। वन्यजीवों के सरलता से खाना मिल रहा है, वह उन पर निर्भर हो रहे हैं। इससे उनके व्यवहार आदि में बदलाव आ सकता है। ऐसे में कूड़ा हटाने के लिए पीसीबी से बात की गई है। पीसीबी से आर्थिक मदद प्राप्त कर कूड़े के ढेर को हटाकर निकायों के डंपिंग जोन तक पहुंचाया जाएगा। पीसीबी को जल्द प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। साथ ही जहां पर कूड़ा फेंका जाता है, वहां भी जागरूकता के लिए प्रयास होगा। अगर कोई कंपनी सीएसआर में मदद करना चाहती है, तो उससे भी सहायता प्राप्त की जाएगी।