रुड़की कोर्ट परिसर में गैंगवार के दौरान हुई कुख्यात देवपाल राणा की मौत के बाद सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों ने बताया कि देवपाल को सात गोली मारी गई थी। लेकिन अगर यहां गोली न लगती तो उसके बचने की उम्मीद थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। दो गोली देवपाल के पेट, दो गोली सीने, दो गोली थाई और एक गोली बगल में लगी थी। डॉक्टरों की मानें तो जो दो गोली देवपाल के सीने में लगी हैं, उसी से उसकी जान गई है।
अधिकांश गोली 9 एमएम की हैं। सोमवार को देवबंद जेल मे बंद शातिर देवपाल राणा को रुड़की कोर्ट मे पेशी के दौरान गोलियां से भून दिया गया था। रुड़की कोर्ट परिसर में पुलिस अभिरक्षा में मारे गए शातिर देवपाल राणा का पोस्टमार्टम मंगलवार रात चिकित्सकों के पैनल द्वारा किया गया।
विरोध की आशंकाओं के मद्देनजर हरिद्वार के बजाय दून में पोस्टमार्टम को तरजीह दी गई थी। इसके पहले देवपाल राणा का शव दिन में 11:30 बजे मोर्चरी पहुंच गया था, लेकिन डॉ. का पैनल गठित होने में काफी समय लग गया। परिजनों ने इसको लेकर नाराजगी जताई है।