फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gangotri Dham: शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट, मुखबा के लिए रवाना हुई मां गंगा की डोली

Tue, 14 Nov 2023 02:04 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट/ उत्तरकाशी

सार

शीतकाल के लिए चारधामों के कपाट बंद करने की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। आज गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालओं के लिए बंद कर दिए गए हैं। जबकि 15 नवंबर को बाबा केदार और यमुनोत्री मंदिर के कपाट विधि विधान से बंद होंगे।
विज्ञापन
गंगोत्री धाम के कपाट बंद - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शीतकाल के लिए गंगोत्री धाम के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए। मां गंगा की डोली मुखवा के लिए रवाना हो गई है। वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं भी आज से शुरू हो गई है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, पूजा-अर्चना और भोग लगने के बाद धाम परिसर में स्थित भगवान गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 33 मिनट पर बंंद किए जाएंगे।

विज्ञापन




खरशालीगांव में स्थित मां यमुना मंदिर में भी मां यमुना के स्वागत की तैयारी चल रही है। यमुनोत्री धाम से यमुना के पुजारी पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि कल 15 नवम्बर को भैया दूज के पावन पर्व पर 11 बजकर 57 मिनट पर निर्धारित समय पर मां यमुना के कपाट भी बंद कर दिए जाएंगे।और मां यमुना का उत्सव श्री विग्रह शीत कालीन प्रवास खुशी मठ, खरसाली के लिए अपने भाई शनि देव जी की अगुवाई में प्रस्थान करेगी।

ये भी पढ़ें...सुरंग के अंदर फंसीं 40 जानें:  ढाई फीट चौड़े पाइप से बाहर निकाले जाएंगे मजदूर, रेस्क्यू में लग सकते हैं दो दिन
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पूर्व कल 15 नवम्बर सुबह 8 बजे खरशालीगांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज की डोली बहन को लेने यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी और 10 बजे धाम पहुंचेगी। उसके पश्चात विधि-विधान के विशेष पूजा अर्चना अभिषेक आदि कर शीतकाल के लिए छह माह के लिए मां यमुना मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें