अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर बुधवार को शुभ मुहूर्त में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस दौरान मां गंगा-यमुना जयकारों से पूरी घाटी गूंज उठी।
गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत भी शामिल हुए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने खरसाली से यमुना जी की डोली को यमुनोत्री के लिए विदा किया। दोनों धामों में पहले दिन करीब चार हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
भैरोंघाटी से सुबह साढ़े सात बजे गंगा जी की डोली यात्रा गंगोत्री के लिए रवाना हुई। साढ़े नौ बजे गंगोत्री पहुंचकर यहां गंगा लहरी और गंगा सहस्त्रनाम पाठ के साथ ही हर-हर गंगे के जयकारों से पूरा गंगोत्री धाम गूंज उठा। तय मुहूर्त पर दोपहर साढ़े बारह बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।
चारों धामों को देंगे विशेष पैकेज : सीएम
गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस बार चार धाम यात्रा बेहतर ढंग से चलने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यात्रा के संचालन में बजट की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। पिछले वर्ष यात्रा नहीं चलने पर चारों धामों की मंदिर समितियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज देने की बात कही।
डेढ़ हजार श्रद्धालु पहुंचे गंगोत्री
पहले ही दिन करीब डेढ़ हजार श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण भैरोंघाटी से गंगा जी की डोली यात्रा के साथ पैदल ही गंगोत्री पहुंचे।
इस दौरान पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, मुख्य सचिव एन रविशंकर, डीएम इंदुधर बौड़ाई, सेना की 12 ग्रेनेडियर के कमांडेंट कर्नल महेंद्र सिंह, मंदिर समिति के अध्यक्ष भागेश्वर प्रसाद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, संजीव सेमवाल आदि मौजूद रहे।
ढाई हजार यात्रियों ने किए यमुना जी के दर्शन
यमुनोत्री मंदिर के कपाट दोपहर 12:20 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यमुना जी की डोली को पूजा-अर्चना के बाद यमुनोत्री के लिए विदा किया। खरसाली से यमुना जी के भाई समेश्वर देवता की डोली भी उन्हें विदा करने यमुनोत्री तक गई।
जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक पांच किमी पैदल मार्ग यमुना जी के जयकारों से गूंजता रहा। पूर्वाह्न 11.52 बजे यमुना जी की डोली यमुनोत्री पहुंची और विशेष पूजा एवं मंत्रोच्चारण के साथ 12.20 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।
पहले ही दिन करीब ढाई हजार यात्रियों ने यमुनोत्री पहुंचकर यमुना जी के दर्शन किए।
सेना ने की श्रद्धालुओं की आवभगत
बीते सालों की भांति इस बार हर्षिल छावनी में तैनात सेना के जवानों ने गंगोत्री मंदिर के कपाटोद्घाटन में सक्रिय प्रतिभाग किया। मुखबा से गंगोत्री तक गंगा जी की डोली यात्रा सेना के पाइप बैंड की अगुवाई में निकली।
सीएम ने किया मां गंगा का गुणगान
यमुनोत्री मंदिर समिति एवं पंच पंडा समिति ने खरसाली में सीएम हरीश रावत को डांगरी भेंटकर 2017 के चुनाव फतह करने की शुभाकामनाएं दी। इसके बाद गंगोत्री पहुंचे सीएम ने भजन से मां गंगा का गुणगान किया।
श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
यमुनोत्री धाम में जिला पंचायत की ओर से नि:शुल्क भंडारे की व्यवस्था की गई थी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू हो गया था।
श्रद्धालुओं ने बदहाल घाटों पर किया स्नान
यमुनोत्री-गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं को गंगा-यमुना में स्नान करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बदहाल घाटों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। यमुनोत्री में श्रद्धालुओं को लोहे के पाइप के सहारे स्नान करना पड़ा।
दोनों में धाम में लौटी रौनक
यात्रा शुरू होते ही यमुनोत्री-गंगोत्री धाम में रौनक लौट गई। दोनों धाम एवं यात्रा पड़ावों की इक्का-दुक्का दुकान को छोड़ शेष सभी दुकानें खुल गई है। व्यापारी यात्रा को लेकर खूब उत्सासित हैं।