सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता देखिए। गैंगरेप पीड़िता को मेडिकल जांच के नाम पर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल घुमाया जाता रहा। लापरवाही का आलम यह रहा है कि रुड़की सिविल अस्पताल से पीड़िता के सैंपल की स्लाइड तक खुली भेजी गई। मेडिकल जांच के कागज भी अधूरे भेजे गए।
मेडिकल परीक्षण के लिए पीड़िता को साढ़े पांच घंटे इंतजार करना पड़ा।
महिला अस्पताल में भर्ती उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र की गैंगरेप पीड़िता को परिजन मेडिकल जांच के लिए शुक्रवार सुबह नौ बजे मेला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन यहां डॉक्टरों ने सीएमएस के आदेश न मिलने तक मेडिकल करने से साफ मना कर दिया।
इसकी भनक भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों को लगी तो वह मेला अस्पताल पहुंच गईं। वहां अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन के समझाने पर भाजपाई शांत हुए और डॉक्टरों ने पीड़िता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।