संचार के लिए लगाए वैकल्पिक टावर
रामनगर के आमडंडा से लेकर ढिकुली तक वन क्षेत्र होने के चलते नेटवर्क की समस्या रहती है। विदेशी मेहमानों के आगमन को देखते हुए नेटवर्क की समस्या ना हो इसके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक टॉवर लगा दिए हैं। इन टॉवर को पेड़ों पर लगाया गया है, ताकि नेटवर्क की समस्या से विदेशी मेहमानों को न जूझना पड़े।
विभिन्न प्रजाति के पौधों वाले गमलों को सड़क किनारे रखा
विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए रामनगर को सजाया गया है। कोसी बैराज से रामनगर डिग्री कॉलेज के सामने तक, लखनपुर से लोनिवि गेस्ट हाउस तक जगह-जगह सड़क पर विभिन्न प्रजाति के पौधों वाले गमलों को रखा गया है।
इन देशों के डेलीगेट होंगे शामिल
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (जी-20) एक अंतर सरकारी मंच है। इसमें 20 देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल होंगे। वहीं मित्र देश बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात के डेलीगेट भी शामिल होंगे।
विश्व की ये 13 संस्थाएं होंगी शामिल
केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने बताया कि समिट में विश्व की 13 संस्थाएं भी हिस्सा लेंगी। इसमें संयुक्त राष्ट्र (यूएन), अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), विश्व श्रम संगठन (आईएलओ), वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी), एटीडी (एशियाई विकास बैंक), ओईसीडी (ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट), एयू चेयर (अफ्रीकन यूनियन), नेपाड चेयर (न्यू पाटर्नरशिप फॉर अफ्रीकन डिपार्टमेंट), एशियन चेयर (एसोसिएट ऑफ साउथ एशिया नेशन), आईएसए (इंटरनेशनल सोलर एलायंस), सीडीआरआई (कोलेशन फॉर डिजाइटर रिजलिंट इनफारट्रेक्चर) शामिल हैं।
इन बिंदुओं पर होगी भारत की प्राथमिकताएं
1. हरित, विकास, जलवायु वित्त और लाइफ।
2. त्वरित, समावेशी और लचीला विकास।
3. एसडीजी (सबस्टेनिबल डवलपमें गोल्स) पर प्रगति में तेजी लाना।
4. तकनीकी परिवर्तन और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना।
5. 21वीं सदी के लिए बहुपक्षीय संस्थान।
6. महिलाओं के नेतृत्व में विकास।