भट्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार से सभी देश पीड़ित हैं। इसके दुष्प्रभाव भी व्यापक हैं। इसलिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में संस्थागत फ्रेमवर्क मजबूत करने की आवश्यकता है। सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए आईटी का उपयोग जरूरी है।
वर्ष 2018 में अर्जेंटीना में आयोजित जी-20 की बैठक में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ बिंदुओं पर चर्चा की गई थी। जिसके बाद भ्रष्टाचार का मुद्दा जी-20 का एजेंडा बन गया है। भविष्य में होने वाली जी-20 बैठकों में भी इन बिंदुओं पर चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा। इस मौके पर कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय के संयुक्त सचिव रजत कुमार भी मौजूद थे।
90 विदेशी प्रतिनिधि चर्चा में ले रहे हैं भाग
एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में 20 सदस्य देशों, 10 आमंत्रित देशों और 9 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 90 से अधिक प्रतिनिधि चर्चा में भाग ले रहे हैं।