अनायास ही मेरे मुख से कुछ पंक्तियां निकल गई थी
उन्होंने कहा, जब मैं बाबा केदार के दर्शन करने गया था, दर्शन के बाद अनायास ही मेरे मुख से कुछ पंक्तियां निकली थी। यूं ही मैं बोल पड़ा था, ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उत्तराखंड आज जिस तरह से कानून व्यवस्था को सर्वोपरि रखते हुए विकास के अभियान को आगे बढ़ा रहा है, वह बहुत सराहनीय है। ये इस देवभूमि की पहचान को संरक्षित करने के लिए भी अहम है।
तीर्थयात्रियों की संख्या के हर साल पुराने रिकार्ड टूट रहे
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या हर वर्ष पुराने सारे रिकार्ड तोड़ देती है। नया रिकार्ड बना देती है। अभी बाबा केदार के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। हरिद्वार में होने वाले कुंभ व अर्द्ध कुंभ में दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। हर वर्ष जो कांवड यात्रा होती है, उसमें भी लाखों-करोड़ों लोग उत्तराखंड पहुंचते है। पीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं की यह संख्या उपहार भी है और इतनी बड़ी संख्या संभाल पाना एक भागीरथ कार्य भी है। इस भगीरथ कार्य को आसान बनाने के लिए ही डबल इंजन की सरकार डबल शक्ति से डबल गति से काम कर रही है।
देवभूमि में सोने पर सुहागा
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का पूरा जोर विकास के नवरत्नों पर है। एक कहावत सुनी होगी, सोने पर सुहागा, इसलिए नवरत्नों की माला को पिरोने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उन्हें भी धामी सरकार ने नई ऊर्जा दी है। 12 हजार करोड़ की लागत से चारधाम महा परियोजना पर तेज गति से काम हो रहा है। दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेस वे शुरू होने से देहरादून-दिल्ली के बीच सफर और आसान हो जाएगा।
दो-तीन साल में पूरी हो जाएगी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजनाउन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना दो-तीन साल में पूरी हो जाएगी। 16 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तराखंड का एक बड़ा क्षेत्र राज्य के लोगों और पर्यटकों के लिए सुगम हो जाएगा। इससे यहां निवेश और उद्योगों के विकास रोजगार के नए-नए अवसर बनेंगे। रोड कनेक्टिविटी के साथ ही रोपवे कनेक्टिविटी के लिए भी उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। पर्वतमाला योजना आने वाले दिनों में उत्तराखंड का भाग्य बदलने जा रही है। इसके लिए जिस कनेक्टिविटी का उत्तराखंड के लोगों ने वर्षों इंतजार किया, वह इंतजार भी हमारी सरकार समाप्त कर रही है।
उत्तराखंड तेजी से उभर रहा है
पीएम ने कहा कि आज राज्य सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड तेजी से पर्यटन हब, एडवेंचर टूरिज्म हब, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उभर रहा है। आज उत्तराखंड के नए-नए स्थल, नए-नए टूरिस्ट हब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इन सभी को वंदे भारत ट्रेन से बहुत मदद मिलेगी। अब तो देश के कोने-कोने में वंदे भारत ट्रेन चलनी शुरू हो चुकी है। जब परिवार के साथ लंबी दूरी तय करनी हो, तो ट्रेन ही लोगों की पहली पसंद होती है। ऐसे में वंदे भारत सामान्य परिवारों की पहली पसंद बनती जा रही है। 21वीं सदी का भारत अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाकर और तेजी से विकसित हो सकता है।
पुरानी सरकारों का ध्यान तो भ्रष्टाचार पर था
पीएम पुरानी सरकारों पर निशाना साधने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि पहले लंबे समय तक जिन दलों की सरकारें रहीं, उन्होंने देश की इन जरूरतों को कभी समझा ही नहीं। उन दलों का ध्यान घोटालों और भ्रष्टाचार पर था। परिवारवाद के अंदर ही वो सिमटे हुए थे।
हाईस्पीड रेल छोड़िए, फाटक नहीं हटा पाए
उन्होंने कहा कि भारत में हाईस्पीड ट्रेनों को लेकर पहले की सरकारों ने बड़े-बड़े दावे किए। इन दावों के कई-कई साल बीत गए। हाई स्पीड रेल छोड़िए, रेल नेटवर्क से मानव रहित फाटक तक हटा नहीं पाए थे। रेलवे के बिजलीकरण की स्थिति तो और भी गंभीर थी। 2014 तक देश का एक तिहाई रेल ट्रैक का बिजलीकरण हो पाया था। साल 2014 के बाद रेलवे को ट्रांसफोर्म करने के लिए चौतरफा काम करना शुरू किया। 2014 से पहले हर वर्ष 614 किमी बिजलीकरण का काम होता था। अब हर साल 6000 किमी ट्रैक का बिजलीकरण हो रहा है। इसलिए आज देश के 90 प्रतिशत से अधिक रेल नेटवर्क का बिजलीकरण हो चुका है। उत्तराखंड में शतप्रतिशत हो चुका है। ये काम इसलिए हो रहा है, क्योंकि सही विकास की नीयत भी है, नीति भी है और निष्ठा भी है।
उत्तराखंड में विकास के नवरत्नों पर भाजपा सरकार का जोर
1. केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में 1300 करोड़ से पुनर्निर्माण कार्य
2. गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट हेमकुंड रोपवे का 2500 करोड़ की लागत से कार्य।
3. कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानस मंदिर माला मिशन का काम
4. पूरे राज्य में होम स्टे को बढ़ावा, राज्य में 4000 से अधिक होम स्टे पंजीकृत
5. इको टूरिज्म के 16 डेस्टिनेशन का विकास
6.उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, यूएसनगर में एम्स का सेटेलाइट सेंटर
7. करीब 2000 करोड़ से टिहरी झील विकास परियोजना का निर्माण
8. ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म, योग राजधानी के रूप में विकास
9. टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन