ऑयल रिफाइनरी से निकलने वाले कंटेनर से लेकर पेट्रोल पंप स्टेशन तक अगर कहीं भी पेट्रोल और डीजल की चोरी या उसमें मिलावट की कोशिश की गई तो तुरंत पकड़ में आ जाएगी।
ऑयल कंपनियों ने सभी पेट्रोल पंप तथा कंटेनरों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगा दिया है। जीपीएस से अटैच इस सिस्टम से कहीं भी छेड़छाड़ होने पर मुख्य सर्वर को अवगत करा देगा। इस सिस्टम से ना तो ईंधन की चोरी हो सकेगी और ना ही उसमें मिलावट हो पाएगी। यही नहीं कंटेनर से छेड़छाड़ पर तुरंत हेड ऑफिस में अलार्म बज जाएगा।
व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस है। यह सिस्टम बैटरी और बिजली से संचालित होता है। इसमें जीपीएस, सेंसर, कुछ में कैमरा आदि उपकरण लगे होते हैं। इस तरह के सिस्टम को ज्यादातर वाहनों एवं पेट्रोल पंपों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
कंट्रोलर हेड ऑफिस में बैठकर वाहनों एवं पेट्रोल पंपों की निगरानी कर सकता है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम व हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन ने पिछले कुछ माह से अपने सभी पेट्रोल पंपों तथा कंटेनरों में वीटीएस सिस्टम लगवा दिया है।
ऐसे करता है काम
डिवाइस में जीपीएस सेंसर के साथ-साथ अलार्म सिस्टम लगा है, जिससे लॉक से छेड़छाड़ होते ही कंट्रोल रूम में अलार्म बज जाता है। कंट्रोलर मिनटों में पता लगा लेगा कि किस कंटेनर के लॉकर से छेड़छाड़ की गई है। साथ ही सिस्टम के माध्यम से पेट्रोल पंपों की निगरानी की जा रही है। कंट्रोलर हेड ऑफिस से ही पता लगा लेता है कि किस पेट्रोल पंप पर कितना ईंधन शेष बचा है।
वीटीएस के फायदे
- वाहन की गति सीमा की जानकारी
- वाहन के लोकेशन के बारे में जानकारी
- पेट्रोल पंप स्टेशनों के ईंधन टैंक की निगरानी
- वाहन चोरी होने पर लोकेशन का पता लगाना
- ईंधन रिसाव या सील टूटने पर अलार्म
कुछ माह पहले ही ऑयल कंपनियों ने इस डिवाइस को कंटेनरों और पेट्रोल पंपों पर लगाना शुरू किया है। इससे पेट्रोल पंप संचालकों को समय से पता चल जाता है कि कंटेनर कितनी देर में ईंधन लेकर पहुंच जाएगा। साथ ही ईंधन चोरी पर भी ब्रेक लगेगा।
- अमरकांत गर्ग, अध्यक्ष पेट्रोल डीलर्स वेल्फेयर एसोसिएशन