हरिद्वार अर्द्धकुंभ में हर कोई स्नान करके पुण्य कमाना चाहता है, लेकिन सरकार ने अपने दैनिक रूट्स पर चलने वाली बसों को पुण्य कमाने के लिए भेज दिया है।
ऐसे में मैदान से लेकर पहाड़ी रूटों पर परिवहन निगम की बसों के भरोसे आवाजाही करने वाले यात्री परेशान हैं। यह समस्या 22 अप्रैल तक अर्द्धकुंभ स्नान की तारीखों से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक रहेगी।
फरमान यह है कि बस को जिस स्टेशन की सवारी मिलेगी वह उसी जगह के लिए रवाना हो जाएगी। ऐसे में बस अपने रूट पर कब पहुंचेंगी इसका अंदाजा सहज ही लगा सकते हैं।
उत्तराखंड परिवहन निगम के पास कुल 948 बसें हैं, इसमें से 500 बसों को अर्द्धकुंभ में लगाया गया है। जबकि करीब 150 बसें कार्यशाला में मेंटिनेंस के लिए खड़ी रहती हैं। इस तरह प्रदेश के 22 डिपो में यात्रियों की आवाजाही का जिम्मा केवल 298 बसों के हवाले है। ऐसे में अगर आप परिवहन निगम की बसों से कहीं आने-जाने का प्लान बना रहे हैं तो अर्द्धकुंभ स्नान की तारीख़ देखकर ही बनाएं।
परिवहन निगम के पिथौरागढ़, लोहाघाट, टनकपुर, अल्मोड़ा, भवाली, रानीखेत, काठगोदाम, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, रामनगर, कोटद्वार, हरिद्वार, रुड़की, देहरादून ग्रामीण एवं देहरादून पर्वतीय डिपो से रोजाना एक लाख से भी अधिक लोग आवागमन करते हैं।
हरिद्वार अर्द्धकुंभ के लिए सरकार ने परिवहन निगम को फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन दैनिक यात्रियों के आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।
इस वजह से स्नान वाले दिन बसों के अर्द्धकुंभ में व्यवस्त होने की वजह से दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से प्राइवेट टैक्सी-मैक्स कैब से अर्द्धकुंभ में करार करने की बात की थी पर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
अर्द्धकुंभ स्नान की तिथियां
- सोमवार 8 फरवरी सोमवती अमावस्या
- शुक्रवार 12 फरवरी बसंत पंचमी
- सोमवार 22 फरवरी माघ पूर्णिमा
- सोमवार 7 मार्च महाशिवरात्रि
- बृहस्पतिवार 7 अप्रैल चैत्र अमावस्या
- शुक्रवार 8 अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
- बृहस्पतिवार 14 अप्रैल महाशिवरात्रि
- शुक्रवार 15 अप्रैल रामनवमी
- शुक्रवार 22 अप्रैल चैत्र शुक्ल पूर्णिमा