दिवाली, गोवर्द्धन पूजा और फिर रविवार को भैया दूज के बाद पंच पर्व समाप्त हो गए। अंतिम दिन शहर जाम के हवाले हो गया। शहर तो दूर हाईवे तक इससे अछूते नहीं रहे। मिनटों का सफर घंटों में तय हुआ। हरिद्वार हाईवे और सहारनपुर राजमार्ग पर वाहनों का रेला रहा। एक घंटे का रुड़की का सफर तय करने में लोगों को पांच घंटे लग गए। धनतेरस से शुरू हुए पंच पर्व पर शहर से बाहर जाने वाले हजारों लोग रविवार को पर्व के अंतिम लौटे। इसके अलावा भैया दूज पर दिनभर वाहन इधर से उधर दौड़ते रहे। इस कारण एकाएक शहर और इसके आसपास की यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
Iहरिद्वार हाईवे पर टोल प्लाजा से हुआ जाम का सामना
I
हरिद्वार हाईवे पर लोगों का जाम से सामना टोल प्लाजा पर हुआ। यहां आरओबी से टोल प्लाजा तक का आधे मिनट का सफर तय करने में करीब आधे घंटे का समय लगा। जैसे-तैसे लोग टोल अदा कर पांच किलोमीटर चले तो अगले आरओबी मोहकमपुर पर फिर से वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई। अब अगले तीन किलोमीटर का सफर तय करने में वाहनों को लगभग एक घंटे का समय लगा। आईएसबीटी की ओर जाने वाले वाहनों को जाम से अगली लड़ाई अजबपुर चौक पर लड़नी पड़ी। हालात ये थे कि ट्रैफिक सिग्नल को मैन्युअली कर तीन-तीन सिपाही और दरोगा भी यातायात को चलाने में पसीने बहा रहे थे। यहां से निकलकर आईएसबीटी पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी थीं। दोनों फ्लाईओवर पर यातायात की स्थिति बेहद खराब नजर आई।
Iशहर में चारों ओर जाम से लोग परेशान
I
बाजारों में खरीदारी और भैया दूज के पर्व को मनाने के लिए लोग दिन भर इधर से उधर दौड़ते रहे। शाम के वक्त हालात ये थे कि रिस्पना से धर्मपुर के बीच एकाएक मार्ग चोक हो गया। नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में भी यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सिपाही-दरोगा यातायात चलाते तो दिखाई दिए, लेकिन नतीजा आशा के अनुरूप नहीं निकला। अलबत्ता हुआ यही कि चारों ओर जाम ही जाम रहा। उधर, राजपुर रोड पर भी हर चौक चौराहे पर जाम ही जाम नजर आया। हर तरफ यातायात सिग्नल को मैन्युअली कर ट्रैफिक चलाया गया, लेकिन नतीजा फिर वही शून्य। घंटों लोगों को जाम से दो चार होना पड़ा।
Iडाट काली से लेकर शहर तक चार किलोमीटर का जाम
I
एलिवेटेड रोड को चलने में अभी समय लगेगा। इससे पहले रविवार को शहर में प्रवेश के लिए लोग जाम से दो चार होते रहे। हालात ये थे कि डाट काली मंदिर सुरंग से लेकर करीब चार किलोमीटर तक का जाम मिला। यहां एक किलोमीटर चलने के लिए लोगों को एक-एक घंटे का समय लगा। रुड़की से आने वाले लोगों को देहरादून पहुंचने में चार से पांच घंटे लग गए। ज्यादातर समय इसी स्थान पर लगा। यही हालात सहारनपुर से आने वाले लोगों के सामने रहे।