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चंदे से प्रतियोगिता में भाग लेने गई टीम

Tue, 24 Sep 2013 02:10 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने के हवा-हवाई नारों के बीच हकीकत कितनी कड़वी है, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पहले तो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले की फुटबाल टीमों को भेजने से ही मना कर दिया।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद टीम तो भेजी लेकिन टीम को धेला तक नहीं दिया गया। जिले की फुटबाल टीम चंदे के पैसे से कोटद्वार खेलने गई है। मामला शिक्षा मंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने जांच कराने की बात कही।

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17 अगस्त को गुरुकुल महाविद्यालय में जिला स्तरीय प्रतियोगिता के बाद राज्यस्तर पर खेलने के लिए जिले की चार टीमों का चयन किया गया था। सोमवार से कोटद्वार में राज्यस्तरीय फुटबाल प्रतियोगिता शुरू हो गई और शिक्षा विभाग ने टीम भेजने की सुध ही नहीं ली।
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नया बहाना बनाकर टालते रहे
फुटबाल कोच संदीप कुमार और खिलाड़ियों ने कई बार जिला खेल समन्वयक गजेंद्र सिंह से संपर्क किया लेकिन वह हर बार नया बहाना बनाकर टालते रहे। पहले बजट नहीं होने और बाद में खिलाड़ियों के कागजात पूरे नहीं होने का बहाना बनाया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली को अमर उजाला ने 23 सितंबर के अंक में.. चार फुटबाल टीमों को खेलने से रोका.. शीर्षक से प्रकाशित किया।

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खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग पर सकारात्मक दबाव बना। सोमवार से कोटद्वार में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता भी शुरू हो गई। सोमवार की सुबह आनन-फानन में तीन फुटबाल टीमों को खेलने के लिए कोटद्वार भेजने की औपचारिकता पूरी की गई।

बालकों की अंडर-14, अंडर-17 और बालिकाओं की टीम कोटद्वार के लिए रवाना हो गई। अंडर-19 टीम में खिलाड़ी पूरे नहीं होने के चलते टीम को नहीं भेजा जा सका।

हमने तो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जाने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। अमर उजाला हमारी आवाज नहीं उठाता तो हमारे खिलाड़ी राज्य स्तर पर नहीं खेल पाते। खिलाड़ियों की ओर से अमर उजाला का आभार।
- संदीप कुमार, कोच फुटबाल टीम

बालिकाओं की टीम शांतिकुंज की ओर से भेजी गई है। बाकी बची बालकों की टीम भेजने के लिए हमारे पास पैसा नहीं है। सरकारी स्कूलों से फीस के तौर पर एक पैसा भी नहीं लिया जा रहा है। फिर टीम भेजने का बजट कहां से लाएं।
- गजेंद्र सिंह, जिला क्रीड़ा समन्वयक, शिक्षा विभाग

फुटबाल टीम समय से क्यों नहीं भेजी गई और बजट नहीं होने की बात कैसे कही जा रही है। इस बाबत पता कराया जाएगा। जानकारी लेकर बताता हूं।
- आरके उनियाल, मुख्य शिक्षाधिकारी हरिद्वार

अमर उजाला की पहल पर मदद को बढ़े हाथ
बालिकाओं की फुटबाल टीम को भेजने का जिम्मा तो गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज ने उठा लिया लेकिन बालकों की दो टीमों के आगे पैसे का संकट खड़ा हो गया था। अमर उजाला ने पहल की तो चंदा इकट्ठा कर खिलाड़ियों को कोटद्वार भेजने की जिम्मेदारी निभाई।

दो टीमों के 32 खिलाड़ियों और दो कोच के आने-जाने तथा खाने-पीने की व्यवस्था आसान काम नहीं था। शिक्षा विभाग ने खिलाड़ियों को पैसा देने से मना कर दिया गया तो अमर उजाला आगे आया। अमर उजाला की पहल पर कई समाजसेवी खिलाड़ियों को कोटद्वार भेजने का खर्च उठाने के लिए आगे आए।

गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय विभाग के सहायक मुख्याधिष्ठाता जयप्रकाश विद्यालंकार, व्यापारी नेता एवं होटल कारोबारी ओमप्रकाश जमदग्नि एवं सुरेश गुलाटी और हरिद्वार ग्रामीण भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने आगे आकर खिलाड़ियों की आर्थिक मदद की।
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