देहरादून के इन आठ युवाओं का यह ग्रुप पहले भाजपा कार्यालय में मिला था। फिर कांग्रेस भवन में सभागार के अंदर।
एक दिन इसे सपा कार्यालय और बसपा के ईसी रोड स्थित चुनाव कार्यालय में बैठे देखा। इसके बाद यह उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यालय परिसर में बैठा मिला।
फिर इन लड़कों को आम आदमी पार्टी (आप) के घोषणा पत्र की समीक्षा करते उज्जवल रेस्टोरेंट में देखा। पहली बार इन्हें भाजपा के नव मतदाता जोड़ो अभियान का एक हिस्सा माना था।
लेकिन ये लड़के जब कई कार्यक्रमों में दिखे तो उत्सुकतावश इनसे पूछ लिया कि उनका हर कार्यक्रम में मिलने का राज क्या है? जवाब गालिब का यह शेर था-‘चलता हूं थोड़ी दूर हर एक तेज-रौ के साथ-पहचानता नहीं हूं अभी राहबर को मैं।’
सभी स्नातक कक्षाओं के पहले वर्ष के छात्र
फिर दोस्ताना बातचीत शुरू हो गई। पहले इस ग्रुप का परिचय कराता हूं। ये सभी स्नातक कक्षाओं के पहले वर्ष के छात्र हैं।
आतिफ अहमद (बीटेक), विनोद पांडेय (बीकॉम), राजेश कुमार (बीए), विनोद चौहान (बीए), किशन बिष्ट (बीई), विष्णु शुक्ला (बीकॉम), राजेंद्र चौहान (बीटेक ) और राजेंद्र सिंह गुसाईं (बीएए) इस साल नए वोटर बने हैं।
उनका कहना था कि वे वोट जरूर डालेंगे। लेकिन पहले यह जान लेना चाहते हैं कि अलग-अलग राजनीतिक दलों की नीतियां क्या हैं? हर चुनाव के बाद पूरे समाज का भविष्य पांच साल के लिए दांव पर लग जाता है।
इन युवाओं ने बताया कि वे अपने हम उम्र दोस्तों, घरवालों के अलावा सारे लोगों से अपील करते हैं कि वोट जरूर डालें। चाहे जिसे डालें।
कोई पसंद न हो तो नोटा को दें। उनका तर्क था कि लोग वोट डालने लगेंगे तो यह सलाहियत भी आने लगेगी कि किसे वोट दिया जाए। घरेलू महिलाओं को वोट डालने के लिए वे खासतौर पर प्रेरित करते कर रहे हैं।
विधानसभावार फ्रेश वोटर
चकराता- 3131
पुरुष- 1767
महिला- 1364
विकासनगर- 3560
पुरुष- 2142
महिला- 1418
सहसपुर- 5259
पुरुष- 3154
महिला- 2105
धर्मपुर- 4982
पुरुष- 2973
महिला- 2009
रायपुर- 4301
पुरुष- 2523
महिला- 1778
राजपुर- 3036
पुरुष- 1744
महिला- 1292
कैंट- 3269
पुरुष- 1879
महिला- 1390
मसूरी- 3259
पुरुष- 1878
महिला- 1381
डोईवाला- 4000
पुरुष- 2329
महिला- 1671
ऋषिकेश- 3856
पुरुष- 2224
महिला- 1632