हाईकोर्ट की ओर से स्टैंडिंग सवारी पर रोक लगाने और रोडवेज के चालकों के अवकाश पर जाने से बहनों को परेशानी हो सकती है। बताया जा रहा है कि रोडवेज बसों में क्षमता से अधिक यात्री बिठाने पर पुलिस की ओर से रोडवेज बसों का चालान काटा जा रहा है।
ऐसे में चालक परिचालक सीटों के अनुरूप ही बहनों को बिठाएंगे। यदि बस की सीट फुल होती है तो बस का इंतजार कर रही बहन को बस चालक नहीं बिठाएगा। रोडवेज डिपो के पास 27 बसें हैं। रोडवेज मुख्यालय की ओर से रक्षाबंधन के त्योहार में अतिरिक्त ड्यूटी करने पर इंसेंटिव देने की व्यवस्था न करने से भी चालकों की उपस्थिति पर असर पड़ेगा।