पिछले साल उत्तराखंड के बुजुर्गों के लिए शुरू की गई नि:शुल्क चारधाम यात्रा भले ही परवान न चढ़ी हो लेकिन इस साल सरकार ने इसके पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने इस यात्रा सीजन 25 हजार बुजुर्गों को चारधाम यात्रा कराने का लक्ष्य रखा है। मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग प्रदेश के चारों धाम में से किसी भी एक धाम की निशुल्क यात्रा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में पर्यटन विभाग व जीएमवीएन के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि बुजुर्गों को सरकार की ओर से यात्रा केवल औपचारिकता न हो।
बुजुर्गों को यात्रा के दौरान सम्मान का अनुभव हो। इसके लिए बेहतर सुविधाजनक बसों का प्रबंध किया जाए। यदि आवश्यकता हो तो जीएमवीएन निजी बसों को अनुबंध पर ले सकता है। मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना के प्रबंध में लगने वाले अधिकारी व कर्मचारी व्यवहार कुशल हों।
सीएम ने प्रमुख सचिव डा. उमाकांत पंवार को निर्देश दिए कि मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना की बेहतर तैयारी के लिए जिलाधिकारियों से समन्वय करें। बुजुर्ग दंपति यात्रा के लिए आवेदन करते हैं और किसी एक की ही उम्र 65 वर्ष से अधिक है तो भी पति व पत्नी दोनों को सरकार की ओर से निशुल्क यात्रा कराई जाए।
सीएम ने 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग द्वारा अपने साथ सहायक ले जाने पर सहायक पर भी 50 प्रतिशत रियायत दिए जाने के निर्देश दिए। आवेदकों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाए। बैठक में पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, एमडी जीएमवीएन सी रविशंकर मौजूद थे।