आवास या भूमिहीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके प्रथम पीढ़ी के आश्रितों को निशुल्क भूमि में आ रही अड़चन खत्म हो गई है। इस संबंध में 2014 में शासनादेश जारी हुआ था, लेकिन नगर निगम ने नियमावली की जरूरत बताते हुए इस मामले को लटका रखा था।
अब शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल ने नगर आयुक्त नितिन भदौरिया भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि भूमि आवंटन के लिए किसी नियमावली की जरूरत नहीं है। साथ ही जल्द से जल्द भूमि आवंटित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शासनादेश हुआ जारी
शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल ने पत्र में कहा कि शासनादेश के अनुसार नगर निकाय की सीमा में सौ वर्गमीटर भूमि निशुल्क दी जा सकती है। इसके लिए सिर्फ नगर निगम बोर्ड से मंजूरी जरूरी है।
उधर, आंदोलनकारी नेता रविंद्र जुगरान का कहना है कि नगर निगम बोर्ड दो बार इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर चुका है। अब नगर निगम प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। इस संबंध में काफी प्रयास के बाद भी नगर आयुक्त से संपर्क नहीं हो पाया।