एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि ठगी रविंद्र सिंह राणा निवासी भंकोली, उत्तरकाशी के साथ वर्ष 2021 में हुई थी। राणा ने वीपीडीओ भर्ती के लिए आवेदन किया था। उनकी पहचान सीएचसी सहसपुर में संविदा पर तैनात लैब असिस्टेंट नरेश निवासी जाखड़ीधार, टिहरी गढ़वाल से हुई थी।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती परीक्षा-2021 में अभ्यर्थी को पास कराने के नाम पर तीन लाख रुपये ठगने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसपुर में संविदा कर्मचारी है। उसने कंसलटेंसी चलाने वाली एक महिला के साथ मिलकर ठगी की थी। पुलिस अभी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि ठगी रविंद्र सिंह राणा निवासी भंकोली, उत्तरकाशी के साथ वर्ष 2021 में हुई थी। राणा ने वीपीडीओ भर्ती के लिए आवेदन किया था। उनकी पहचान सीएचसी सहसपुर में संविदा पर तैनात लैब असिस्टेंट नरेश निवासी जाखड़ीधार, टिहरी गढ़वाल से हुई थी। उसने कल्पना पाल निवासी रायपुर का नाम लिया। बताया कि वह एक जॉब कंसलटेंसी चलाती है।
उसकी सरकारी विभागों में अच्छी पहचान है। राणा को झांसा दिया गया कि दोनों उन्हें परीक्षा में पास करा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने 15 लाख में सौदा किया और तीन लाख एडवांस ले लिए। रिजल्ट आया तो राणा पास नहीं हुए। इस पर नरेश और कल्पना ने उन्हें किसी दूसरी भर्ती में पास कराने का झांसा देकर पैसे नहीं लौटाए। तब से अब तक दोनों उन्हें टाल रहे थे। राणा की शिकायत पर नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। बुधवार को नरेश को सीएचसी सहसपुर से गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में नरेश ने बताया कि कल्पना औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की नौकरी लगवाती थी। इसका उसे अनुभव था। इसी बात का फायदा उठाकर उन्होंने लोगों को ठगने का प्लान बना लिया। दोनों युवाओं से पैसे लेकर उन्हें भर्ती कराने का झांसा देते थे। यदि किसी का चयन खुद से हो गया तो पैसे रख लेते थे। नहीं तो उनके पैसे धीरे-धीरे वापस कर देते थे। एसएसपी ने बताया कि इन दोनों की किसी से जान-पहचान नहीं थी। इस मामले में कल्पना फरार चल रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कांस्टेबल भर्ती में भी करने वाले थे ठगी, ऑडियो वायरल
पिछले साल कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए भी उन्होंने ठगी करने का जाल बिछाया था। एक व्यक्ति का नरेश के पास फोन आया और उसने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में सेटिंग की बात की। नरेश और कल्पना ने उसे भी झांसे में ले लिया और दो लाख रुपये एडवांस मांगे। फोन करने वाले ने हामी भर दी। लेकिन, कुछ समय बाद ही यह ऑडियो वायरल हो गई।
कांस्टेबल भर्ती में धांधली की बात अफवाह : एसएसपी
एसएसपी ने बताया कि कुछ दिनों से इस वायरल ऑडियो के आधार पर ही कहा जा रहा है कि कांस्टेबल भर्ती में भी धांधली हुई है। लेकिन, पुलिस इस बात की तस्दीक कर चुकी है कि यह ऑडियो नरेश से बातचीत की ही है। नरेश और कल्पना की किसी अधिकारी से कोई पहचान नहीं है। उन्होंने कांस्टेबल भर्ती के नाम पर किसी से पैसे नहीं लिए हैं। यह केवल अफवाह है। आरोपियों ने अब तक अलग-अलग लोगों से 18 लाख रुपये ठगे हैं।