उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने में धांधली संबंधी जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए एसएसपी देहरादून को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है।
शुक्रवार को न्यायालय ने कहा कि याची के अनुसार कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को इसकी शिकायत की थी और कहा था कि मरे हुए लोगों के नाम पर सहायता राशि दी गई है।
बता दें इस मामले में देहरादून जिले में विकासनगर के तहसीलदार ने मामले की जांच कर 30 मई 2013 को आरोप सही मानते हुए रिपोर्ट सौंपी थी।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और लोकपाल सिंह की खण्डपीठ ने मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए 30 मई 2013 की रिपोर्ट के आधार पर कड़े निर्णय लेने को कहा है। न्यायालय ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी दो हफ्ते के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है।