सर्विस टैक्स चोरी रोकने के लिए कंपनियों को कोड अलाट करने की दिशा में देहरादून में कवायद शुरू हो गई है।
सर्विस टैक्स में कर रहे हैं गोल-माल
सर्विस टैक्स विभाग की तरफ से इस संबंध में प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया है। अभी एक ही चालान कई जगह दिखाकर सेवा प्रदाता संस्थान सर्विस टैक्स में गोल-माल कर रहे हैं।
सर्विस टैक्स अदा करने में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म की व्यवस्था की गई है। माल भाड़े को ही लें तो इसके तहत सेवा कर भुगतान की जिम्मेदारी सेवा लेने वाले और सेवा प्रदाता दोनों की ही बनती है।
हाल ही के बजट प्रावधान में यह साफ कर दिया गया है कि सेवा प्राप्त करने वाला व्यक्ति या प्रतिष्ठान अपने ही दायित्व के प्रति जिम्मेदार होगा। उस पर टैक्स की यह दर 75 प्रतिशत नियत की गई है। सेवा प्रदाता को 25 फीसदी का भुगतान करना होगा।
कई जगह दर्शाता है एक ही चालान
एक सेवा प्रदाता एक साथ कई संस्थानों को सेवा देता है। अब हो यह रहा है कि सेवा प्राप्त करने वाला व्यक्ति जब सेवा प्रदाता से उसके चुकाए कर का चालान दिखाने को कहता है तो वह एक ही चालान कई जगह दर्शाता है।
सर्विस टैक्स अफसरों को टैक्स के सही आंकलन और डिफाल्ट का आंकड़ा पता लगाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में कंपनियों, संस्थानों की कोडिंग जरूरी मानी जा रही है ताकि एक नजर में ही उसकी सारी स्थिति जानी जा सके।