देहरादून में डॉक्टर ने आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण करवा देने का झांसा देकर महिलाओं से हजारों रुपए ठग लिए।
इलाज की जगह हो गई दूसरी बीमारियां
उन्हें अंटशंट दवाएं खिलाईं, जिससे इलाज की जगह उन्हें दूसरी बीमारियां हो गईं। क्लेमेंटटाउन स्थित इस फरेबी डॉ. बागला से ठगे गए रुपए वापस दिलाने के लिए पीड़ित डीएम आफिस पहुंची थीं, जहां इन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।
डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की। क्लेमेंटटाउन में डॉ. बीसी बागला का क्लीनिक था। ज्यादातर महिलाएं संतान के लिए उसके पास इलाज कराने गई थीं।
आईवीएफ तकनीक का डॉक्टर ने झांसा दिया। इलाज में महिलाओं का 70 हजार से सवा लाख रुपए के बीच खर्च हुआ।
इस बीच कुछ माह पूर्व शिकायत पर डॉ. बागला के क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी कर उसके क्लीनिक को सील कर दिया। यह डाक्टर अब सहारनपुर में प्रैक्टिस कर रहा है।
डॉक्टर की पीड़ित महिलाएं, जिनमें एमडीडीए कालोनी, केदारपुरम की पूजा शर्मा, सीमाद्वार की कविता, गढ़ी कैंट की मायादेवी, मोथरोवाला की पूनम बड़ोला, विनीता, क्लेमेंटटाउन की बबिता, कुम्हार मंडी की नीलम आदि शुमार थीं, बृहस्पतिवार को पहले सीएमओ कार्यालय और उसके पश्चात डीएम आफिस पहुंचीं।
उनका कहना था कि वे दो बार डॉ. बागला को पकड़कर थाने तक ले आईं। लेकिन पुलिस उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है।
किसी की सर्जरी, किसी के गुर्दे खराब
डॉ. बागला की ठगी हर महिला की अलग कहानी थी। एक महिला ने बताया कि डॉ. ने उसे स्तन कैंसर बताया था। चार महीने तक दवाएं खिलाईं।
गर्भाशय में तीन सेंटीमीटर की गांठ थी, जो दवा खाने से बढ़ गई। उसकी सर्जरी करानी पड़ी। मालती ने बताया कि बागला की दवा खाकर उसके पति सुरेंद्र शाह के गुर्दे खराब हो गए।
विज्ञापन देख गईं थीं इलाज को
डॉ. बागला के झांसे में फंसी महिलाओं का कहना था कि वह चैनलों में डॉ. बागला का विज्ञापन देखकर इलाज कराने गई थीं।
उन्होंने मांग की कि डॉ. बागला के खिलाफ फौरन मुकदमा दर्ज कराया जाए जिससे किसी और मरीज की जान से खिलवाड़ न हो सके।