मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'मेक इन इंडिया' की आढ़ में पश्चिम बंगाल की एक कंपनी का ऑनलाइन काला कारनामा सामने आया है।
सितारगंज औद्योगिक नगरी में फर्जी तौर पर कंपनी दिखाकर हजारों बेरोजगारों के साथ ठगी की गई है। ये कंपनी वेबसाइट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ नौकरी का भ्रम फैला रही है।
कंपनी की ओर से आवेदकों के 7760 पदों पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उनके कांटेक्ट नंबर के माध्यम से नौकरी के नाम पर लाखों रुपये अलग से वसूला जाना बताया जा रहा है। इसे लेकर खुफिया तंत्र और पुलिस महकमा जांच में जुटा है।
पश्चिम बंगाल की एनएसीएस कंपनी की ओर से अपनी ऑनलाइन वेबसाइट एनएसीएसइंडियाडॉटइन पर एनएसीएस लिमिटेड का कारपोरेट ऑफिस सितारगंज की औद्योगिक नगरी में एनएसीएस हाउस, सी-60 सिडकुल, सिडकुल इंडस्ट्रीयल एरिया फेस-1, इंडस्ट्रीयल पार्क सितारगंज ऊधमसिंह नगर दिया गया है।
इस कंपनी में 7760 विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं। ये भर्तियां सिर्फ पूर्वोत्तर राज्यों में ही निकाली गई हैं। मामले का खुलासा पोस्ट ऑफिस में पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश के बेरोजगारों के स्पीड पोस्ट व साधारण डाक के आवेदन आने से हुआ है।
पोस्टमैन सुदामा प्रसाद जब 12 नवंबर से एनएसीएस कंपनी के नाम पर आए आवेदन जब बांटने पहुंचे तो इस नाम की कोई फैक्ट्री न होने पर उन्हें सभी आवेदन वापस करने पड़े। हकीकत जानना चाही तो वेबसाइट के पते पर सिडकुल में एनएसीएस नाम की कोई कंपनी ही नहीं है।
इसी से मिलते हुए प्लाट सी-60 ए पर वर्तमान में एसएसपी प्राइवेट लिमिटेड, सी-60बी पर पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सी-60सी पर गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड कंपनी चल रही है। एल्डिको के एरिया मैनेजर संदीप चावला ने बताया कि सिडकुल फेज-1 में सी-60 नाम से न तो प्लाट है और न ही कोई फैक्ट्री। इस नाम से कोई प्लाट भी आवंटित नहीं किया गया है।