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पेशी पर जा रहे कुख्यात की फरारी में उत्तराखंड के चार सिपाही सस्पेंड, एसएसपी ने सीओ को सौंपी जांच

Fri, 02 Nov 2018 08:42 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
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पुलिस - फोटो : file photo
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दिल्ली में दो दिन पहले कुख्यात प्रवीण डागर की फरारी के मामले में एसएसपी रिधिमा अग्रवाल ने एक हेड कांस्टेबल व तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच हरिद्वार पुलिस लाइन सीओ को सौंपी है। फरार हुआ कुख्यात हाल ही में रुड़की जेल में शिफ्ट किया गया था। उसकी तीन दिन पूर्व राजस्थान में एक मामले में पेशी थी। 

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दिल्ली के गांव झड़ौदा निवासी प्रवीण डागर वर्तमान में रुड़की जेल में बंद था। उस पर रुड़की में लाखों की धोखाधड़ी समेत कई मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं उस पर दिल्ली, राजस्थान में करीब 20 अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। रुड़की में लाखों की धोखाधड़ी के मामले में इसी साल 14 जुलाई को रुड़की कोर्ट में पेशी पर आया था। यहां कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कुख्यात प्रवीण डागर को रुड़की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।

तभी से आरोपी रुड़की जेल में ही था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार 29 अक्तूबर को कुख्यात प्रवीण की राजस्थान में चल रहे आपराधिक मामलों में पेशी थी। हरिद्वार पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल सुभाष, कांस्टेबल अंकित, हरविंद्र व राजदीप कुख्यात प्रवीण को लेकर राजस्थान पेशी पर गए थे। वहां से लौटते समय 30 अक्तूबर को चारों सिपाही उसे बिना अधिकारियों की अनुमति के उसके गांव झड़ौदा ले गए।
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यहां से आरोपी सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया था। दिल्ली के पुलिस अधिकारियों ने इसकी जानकारी हरिद्वार एसएसपी रिधिमा अग्रवाल को दी। कुख्यात की पेशी में लापरवाही बरतने के मामले में एसएसपी ने चारों सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी रिधिमा अग्रवाल ने बताया कि चारों सिपाहियों को सस्पेंड कर मामले की जांच हरिद्वार पुलिस लाइन सीओ प्रकाश देवली को सौंपी गई है।

कुख्यात अमित भूरा की फरारी से भी नहीं लिया सबब 

बागपत में पेशी के दौरान कुख्यात अमित उर्फ भूरा की फरारी होने के बाद एक बार फिर कुख्यात प्रवीण के दिल्ली से फरार होने के बाद सूबे की पुलिस की फजीहत हुई है। सूबे की पुलिस ने भूरा की फरारी होने के बाद भी सबब नहीं लिया। जिसका खामियाजा प्रवीण की फरारी होने के बाद एक बार फिर सूबे की पुलिस को फजीहत होने से उठाना पड़ा है। अब ऐसे में सवाल ये भी उठ रहा है कि बदमाशों की दूसरे प्रदेशों में पेशी को लेकर सूबे की पुलिस गंभीर नहीं है।  

16 दिसंबर वर्ष 2014 को दून पुलिस कुख्यात सुनील राठी के दाहिने हाथ अमित उर्फ भूरा को कड़ी सुरक्षा के बीच बागपत में एक मामले में पेशी पर लेकर गई थी। जहां कुख्यात भूरा ने पुलिस वालों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया था और फरार हो गया था। इतना ही नहीं कुख्यात पुलिस वालों की एके-47 व एसएलआर भी छीन ले गया था। इस दौरान तीन राज्यों की पुलिस ने भूरा पर दस लाख का ईनाम घोषित किया था। उस दौरान भी उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे और खूब फजीहत हुई थी।
 
 
अब एक बार फिर करीब तीन साल बाद रुड़की जेल में बंद प्रवीण डागर की पेशी से लौटते समय दिल्ली में फरारी ने भूरा की फरारी की याद ताजा कर दी है। सवाल उठने लगे हैं कि प्रवीण को लेकर जाने वाले चारों सिपाही उससे व परिजनों से मिले हुए तो नहीं थे।
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रुड़की जेल में भी पहुंची सूचना 

रुड़की जेल में बंद प्रवीण डागर की दिल्ली में फरारी होने की सूचना दिल्ली पुलिस की ओर से रुड़की जेल में भी दी गई। साथ ही उससे संबंधित कई जानकारी भी मांगी गई। सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस ने जानकारी ली है कि रुड़की जेल में बंद रहते समय प्रवीण से कौन-कौन लोग मिलने आए थे और वह कहां के रहने वाले हैं। उधर, स्थानीय पुलिस भी उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।  

पांच प्रदेशों की पुलिस कर रही तलाश 
कुख्यात प्रवीण डागर के दिल्ली से फरारी के बाद उसकी तलाश के लिए पांच प्रदेशों की पुलिस कर रही है। प्रवीण के खिलाफ दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में पांचों प्रदेशों की पुलिस अपने-अपने स्तर से प्रवीण की तलाश करने में जुट गई है।  

कौन लेगा प्रवीण को पकड़ने का श्रेय 
अमित उर्फ भूरा की फरारी के बाद दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब व उत्तराखंड की पुलिस में उसे पकड़ने का श्रेय लेने की होड़ मची थी। उस दौरान उत्तराखंड पुलिस के सामने श्रेय लेने के साथ-साथ साख बचाने का भी सवाल था। लेकिन उस दौरान भूरा को पकड़ने का श्रेय पंजाब पुलिस को मिला था। अब प्रवीण के मामले में पांचों प्रदेशों की पुलिस में श्रेय लेने की होड़ मच गई है। एक बार फिर उत्तराखंड पुलिस के सामने श्रेय लेने के साथ ही साख बचाने की बड़ी चुनौती होगी।
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