नेपाल के बैतड़ी जिले से यारसागंबू लेकर घरों को लौट रहे चार लोग सेती में बह गए हैं। उनकी खोजबीन में ग्रामीण और पुलिस जुटी है, लेकिन नदी का प्रवाह अधिक होने के कारण अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
गौरतलब है कि यारसागंबू का यौन उत्तेजक दवाएं बनाने में प्रमुखता से उपयोग किया जाता है। इसे कीड़ाजड़ी के नाम से भी जाना जाता है।
नदी पार करते वक्त बहे
नेपाल के बजांग जिले के पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मी राज अधिकारी ने बताया कि कैलाश गांव के 21 लोग एक साथ यारसागंबू खोदने श्यामवन के बुग्यालों में गए थे। यारसागंबू को एकत्र करने के बाद यह लोग रविवार की शाम लौट रहे थे। गांव पहुंचने के लिए इनको सेती नदी को पार करना था।
बताया जाता है कि डंबर बहादुर, सुवन शाही, महेश सिंह और सुंते शाही ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करने का फैसला लिया, जबकि गांव के अन्य लोग पीछे से आ रहे थे। नदी के बीच में पहुंचते ही तेज धारा में चारों बह गए।
नहीं चल पाया पता
पीछे से आ रहे गांव के अन्य लोगों ने उनको बचाने का प्रयास किया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। इनके पीछे से आ रहे सुरेश सिंह ने बजांग के पुलिस कार्यालय को फोन से घटना की जानकारी दी। बजांग के प्रहरी निरीक्षक कमल बिष्ट के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंचकर खोजबीन में लगी है। समाचार लिखे जाने तक चारों में से किसी का पता नहीं चला था।