उत्तराखंड में लगातार कई घंटों से जारी बारिश के कहर से चार लोगों की मौत हो गई। दो लोगों की मौत गढ़वाल और दो की कुमाऊं में हुई है। बारिश से गंगोत्री, बदरीनाथ हाईवे समेत कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। उत्तरकाशी में भारी बारिश से गंगोत्री धाम में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान पर पहुंच गई है। गंगा भागीरथी सहित इसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। गंगोत्री गोमुख क्षेत्र में देवगाड और चीड़वासा गदेरे में आए उफान से दो पुलिया बह गईं। इससे करीब 50 कांवड़ यात्री भोजवासा, चीड़वासा में फंसे हैं।
सोनप्रयाग से केदारनाथ जा रहे पैदल यात्रियों को लिनचोली में रोक दिया गया है। जबकि केदारनाथ में दर्शन करने चुके यात्रियों को धाम में ही ठहरने को कहा गया है। इस सीजन में कपाट खुलने के बाद पहली बार केदारनाथ यात्रा रोकी गई है। हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान तक पहुंचने पर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
कैलास मानसरोवर पैदल मार्ग सहित कई रास्ते ध्वस्त
uttarakhand road
- फोटो : अमरउजाला
शनिवार को बारिश के कारण उत्तरकाशी बड़कोट मोटर मार्ग स्थित पालर गांव में गोशाला पर पेड़ गिरने से प्रेम सिंह पुत्र जयपाल सिंह (55) के मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल जगत चंद पुत्र सुरेंद्र सिंह (70) ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। एक और घायल आकाश राणा (15) पुत्र मनवीर राणा की हालत गंभीर है।
दूसरी ओर, कुमाऊं में चोरगलिया रोड पर सूर्या नाले में बस के बह जाने से सितारगंज निवासी हसीन बानो की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। अन्य लोग किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले। बस में करीब दो दर्जन लोग सवार थे। वहीं, खटीमा से लगे इस्लाम नगर के बीच बहने वाले खकरा नाले में डूबने से मो. असद उर्फ फरमान (15) की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में डूब रहे उबैश को मौके पर मौजूद अशरफ ने बचा लिया।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद नाले में डूबे फरमान का शव बरामद हुआ। भारी बारिश से कैलास मानसरोवर पैदल मार्ग सहित कई रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। कई मुख्य और आतंरिक मार्ग घंटों बंद रहे। रास्ते बंद होने से केमू ने पर्वतीय रूट के लिए अपनी सेवाएं बंद कर दी है। बारिश से रोडवेज की सेवाएं भी बाधित रहीं।
दर्जनों गांवों का संपर्क कटा
danger zone on uttarakhand roads
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इधर, गंगोत्री में गंगा भागीरथी पूरे उफान पर है। धाम में बिजली गुल होने से भागीरथी और केदार गंगा का उफान और डरा रहा है। धरासू बैंड नालूपाणी में भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे दोपहर दो बजे से बंद है। इसके अलावा धौला-दोणी-मुसाई सड़क अवरुद्ध होने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है।
कंचन गंगा में बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध से यात्रा वाहन जोशीमठ और पांडुकेश्वर में ही रोक लिए गए। गढ़वाल मंडल केपर्वतीय जिलों में कई सड़कें भी बंद हैं। टिहरी में मलबा घुसने से छह आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। पौड़ी जिले में 29 सड़कों पर यातायात थम गया है।
500 तीर्थयात्रियों को रवाना किया
बदरीनाथ हाईवे के दोपहर में कुछ घंटे के लिए खुलने पर पुलिस के जवानों ने शुक्रवार को बदरीनाथ, जोशीमठ और पांडुकेश्वर में रोके गए करीब 500 तीर्थयात्रियों को गंतव्य को रवाना किया। आंध्र प्रदेश के श्रद्धालुओं को ऊखीमठ होकर रुद्रप्रयाग भेजा गया तो बदरीनाथ जा रहे यात्रा वाहनों को ऊखीमठ-रुद्रप्रयाग होते हुए रवाना किया गया।
बारिश के चलते बड़कोट में यमुना भी उफान पर है। इसके चलते रवाड़ा नगाणगांव मोटर पुल से यातायात बंद कर दिया गया है। टिहरी झील का जलस्तर आरएल 772.95 मीटर पहुंच गया। यहां से 421 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इससे ऋषिकेश-हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।