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हाथरस घटना पर छलका उमा भारती का दर्द, ट्विटर पर लिखा- संक्रमित न होती तो पीड़ित परिवार से जरूर मिलती

Fri, 02 Oct 2020 11:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • पुलिस की संदेहपूर्ण कार्रवाई से आपकी, सरकार की और भाजपा की छवि पर आंच आई
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उमा भारती (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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हाथरस घटना पर वरिष्ठ भाजपा नेत्री उमा भारती का दर्द छलक उठा है। वह ऋषिकेश अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कोरोना का इलाज करा रही हैं। अस्पताल से ही उन्होंने शुक्रवार को अपने ट्विटर हैंडल पर हाथरस घटना पर कई ट्वीट कर अपनी व्यथा और पीड़ा को व्यक्त किया।

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उनके इन बेबाक ट्वीट्स की सियासी हलकों में खूब चर्चा है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर न सिर्फ तल्ख टिप्पणी की, बल्कि इसे योगी सरकार और भाजपा की छवि के लिए ठीक नहीं बताया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, मैं कोरोना वार्ड में बहुत बेचैन हूं। अगर मैं कोरोना पॉजिटिव नहीं होती तो मैं भी उस गांव में उस परिवार के साथ बैठी होती। एम्स ऋषिकेश से छुट्टी होने पर मैं हाथरस में उस पीड़ित परिवार से जरूर मिलूंगी।

उमा ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना लिखा। मैंने हाथरस की घटना के बारे में देखा। पहले तो मुझे लगा कि मैं न बोलूं, क्योंकि आप इस संबंध में ठीक ही कार्रवाई कर रहे होंगे। किंतु जिस प्रकार से पुलिस ने गांव की एवं पीड़ित परिवार की घेराबंदी की है।

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उसके कितने भी तर्क हों लेकिन इससे आशंकाएं जन्मती हैं। वह एक दलित परिवार की बिटिया थी। बड़ी जल्दबाजी में पुलिस ने उसकी अंत्येष्टि की। अब परिवार एवं गांव की पुलिस घेराबंदी कर दी गई है। 

उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। लिखा, मेरी जानकारी में ऐसा कोई नियम नहीं है कि एसआइटी जांच में परिवार किसी से मिल भी न पाए। इससे तो एसआईटी की जांच ही संदेह के दायरे में आ जाएगी। उन्होंने चिंता जाहिर की। लिखा, हमने अभी राम मंदिर का शिलान्यास किया है।

आगे देश में रामराज्य लाने का दावा किया है। किंतु इस घटना पर पुलिस की संदेहपूर्ण कार्रवाई से आपकी, सरकार की व भाजपा की छवि पर आंच आई है। आप एक बहुत ही साफ-सुथरी छवि के शासक हैं। मेरा आपसे अनुरोध है कि आप मीडियाकर्मियों को एवं अन्य राजनीतिक दलों के लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने दीजिए।
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