सेवानिवृत्त कर्नल व सांसद राज्यवर्धन राठौर ने आइएमए का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जेंटलमैन कैडेट को संबोधित किया और उनके साथ अपने खेल और सैन्य जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने कै डेटों को बेहतर सैन्य अफसर बनने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कर्नल राठौर आइएमए कमांडेंट ले.जनरल एसके झा सहित अन्य सैन्य अधिकारियों से भी मिले। कमांडेंट ने उन्हें आइएमए का प्रतीक चिह्न भी भेंट किया।
कर्नल राज्यवर्धन राठौर आइएमए से ही पासआउट हुए थे। वह आइएमए से 77 वें कोर्स के स्नातक है। इस दौरान उन्हें सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर जेंटलमैन कैडेट के लिए स्वार्ड ऑफ ऑनर का खिताब दिया गया था। उन्हें पाठ्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए भी सम्मानित किया गया था। सिख रेजीमेंअ गोल्डमेडल प्राप्तकर्ता भी वह रहे हैं। अतिविशिष्ठ सेवा मेडल, कर्नल राठौर ने 2004 एथेंस ओलंपिक खेलों में राइफल डबल ट्रैक रजत ओलंपिक में भारत का पहला व्यक्तिगत रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था।
सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए और वर्तमान में सांसद सदस्य है। वर्तमान में वह दून लिटलेचर फेस्टिवल में भाग लेने दून आए थे। इसी दौरान उन्होंने शुक्रवार को आईएमएम का दौरा किया और वहां उनका जेंटलमैन कैडेट को प्रेरित करने के लिए एक गेस्ट लेक्चर रखा गया था। लेक्चर के दौरान उन्होंने अपने सैन्य व खेल जीवन के अनुभवों को जेंटलमैन कैडेटों के साथ साझा किया। साथ ही उन्होंने कै डेटां को भविष्य में बेहतर सैन्य नेता बनने के लिए प्रेरित किया। आइएमए के कमांडेंट मेजर जनरल एसके झा ने कहा कि सेना और खेल में उनका अनुभव निश्चित रूप से जैंटलमैन कैडेटों को शिखर तक पहुंचने में मदद करेगा।