पूर्व फौजी ने खुद को कमरे में बंद कर अपनी लाइसेंसी बंदूक से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर दी। प्राथमिक जांच में आत्महत्या की पीछे गृह क्लेश की बात सामने आई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
शनिवार शाम करीब पांच बजे पुलिस को सूचना मिली कि विजय थापा (40) पुत्र करण बहादुर थापा ने अपने लक्ष्मणपुर, रसूलपुर स्थित घर पर खुद को गोली मार दी है। सूचना पाकर इंस्पेक्टर विकासनगर प्रदीप बिष्ट और बाजार चौकी प्रभारी दीपक मैठाणी पुलिस बल के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजन घर का दरवाजा तोड़कर गंभीर हालत में विजय थापा को अपने वाहन से विकासनगर सरकारी चिकित्सालय ले जा चुके थे। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता लगा कि विजय थापा करीब छह-सात साल पूर्व गोरखा रेजीमेंट से रिटायर हुए थे। वर्तमान में उपनल के जरिए वह उत्तराखंड पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में संविदा पर नौकरी करता था। विजय के घर पर उनकी पत्नी और करीब 16 साल का एक बेटा व 14 साल की एक बेटी है। पुलिस तफ्तीश में यह भी पता लगा कि वह अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। शुक्रवार को भी विजय ने पत्नी के साथ मारपीट की। उसके बाद विजय ने दिन से ही शराब का सेवन कर स्वयं को कमरे में बंद कर दिया था। परिजनों के समझाने की कोशिश करने और दरवाजा खोलने की बात पर वह लगातार गोली मारने की धमकी दे रहा था। शाम को आखिरकार उसने खुद को 12 बोर की लाइसेंसी राइफल से बाएं तरफ सीने में गोली मार दी। विजय थापा की मौत से परिवार में मातम फैल गया।