धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई
आर्य ने यह भी कहा कि वह जनता की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनके घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पूर्व विधायक होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया। आर्य ने आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह और प्रशासन का “कुचक्र” बताया और कहा कि सरकार व विधायक दहशत में हैं।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने घनसाली की जनता को केवल भाषण दिया, लेकिन जमीनी समस्याओं पर कोई ठोस घोषणा नहीं की। उनके अनुसार विधायक ने मुख्यमंत्री से केवल सड़क और रास्तों की मांग की, जबकि स्वास्थ्य, पलायन और जंगली जानवरों के आतंक जैसे गंभीर मुद्दों की अनदेखी की गई। सीमांत गांव गेंवाली में ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
ये भी पढे़ं...Dehradun: 'यह रोड मुसलमानों के लिए नहीं, हिंदू संगठन ने एलिवेटेड रोड पर लिखा, वीडियो वायरल, मुकदमा दर्ज
आर्य ने सरकार को पहाड़ विरोधी बताते हुए कहा कि पहाड़ टूट सकता है लेकिन झुक नहीं सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में घनसाली की जनता जवाब देगी। साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश से वसूली कर बड़े नेताओं को फायदा पहुंचाया जा रहा है और ग्रामीणों की आवाज उठाने वालों को रोका जा रहा है।