क्या बोले पूर्व डीजीपी
पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू का कहना है कि वन विभाग उनके खिलाफ पहले जुर्म काट चुका है, जो गलत था। इस मामले में जिला न्यायालय में भी मेरे खिलाफ 156 (3) के तहत मुकदमा दर्ज कराने को प्रार्थनापत्र दिया गया था लेकिन, इसमें कोई साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा, न्यायालय ने इस प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि कुछ लोग वन विभाग और शासन को गुमराह कर उनकी छवी को खराब करना चाहते हैं। उन्होंने इस संबंध में एसएसपी देहरादून को विस्तार पूवर्क पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अपना पक्ष रखा है। बताया कि जिन आरोपों को न्यायालय में बल नहीं मिला उनमें अब मुकदमा किस आधार पर दर्ज हो सकता है।
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पूर्व डीजीपी ने गलत किया है, सजा मिलनी चाहिए : जुगरान
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और राज्य निर्माण आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने इस मामले में जिला जज की कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। हालांकि उसे सबूतों के आभाव में कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इस मामले में रविंद्र जुगरान का कहना है कि पूर्व डीजीपी ने पद पर रहते हुुए गलत काम किया है। पूर्व में उनकी अपील खारिज हो गई थी, लेकिन अब उन्हीं के प्रयासों से 12 साल बाद शासन ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।