1983 विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य मदनलाल ने कहा कि जस्टिस लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने में बीसीसीआई को परेशानी नहीं आनी चाहिए।
यह सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है और आज नहीं तो कल इसे इसे लागू करना ही पड़ेगा। समिति की सिफारिशों से क्रिकेट में और पारदर्शिता आएगी। उन्होंने उत्तराखंड की सदस्यता का पक्ष लेते हुए कहा कि प्रदेश को बीसीसीआई की मान्यता मिलने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। मान्यता मिलने से यहां के युवाओं को बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा।
रविवार को उत्तराखंड प्रीमियर लीग (यूपीएल) के द्वितीय संस्करण का उद्घाटन करने दून आए मदनलाल ने क्रिकेट और इसकी बेहतरी के लिए काफी कुछ कहा। इससे पहले उन्होंने माजरा स्थित आर्यन क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। यहां अनुभव साझा करते हुए मदनलाल ने कहा कि टेस्ट मैच इज ऑलवेज बेस्ट।
अच्छा क्रिकेटर बनने के लिए टेस्ट मैच खेलना बहुत जरूरी है। यही वजह है कि टी-20 फार्मेट आने के बावजूद टेस्ट क्रिकेट की अहमियत बरकरार है। क्रिकेट की गहराई सीखने के लिए युवा खिलाड़ियों को टेस्ट खेलना चाहिए।
मदनलाल ने टी-20 क्रिकेट को भी अच्छा बताते हुए कहा कि आईपीएल ने कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए हैं। यह ऐसा प्लेटफार्म है जहां से लगातार युवा खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों को बोर्ड से मान्यता नहीं मिली है उनके लिए बीसीसीआई सकारात्मक पहल कर रहा है। बोर्ड इन्हें जल्द से जल्द मान्यता देने को तैयार है, ताकि युवा क्रिकेटरों का भविष्य खराब न हो। मौके पर राकेश धूलिया, पवन लाल, अनिल डोभाल, सीके ध्यानी, बलोनी स्कूल के फाउंडर जेपी बलोनी, एसपी नौटियाल, रोहित मौजूद रहे।