पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वह अगर दोषी पाए जाते हैं तो सजा भुगतने को तैयार हैं, लेकिन उनको अपनी सुनवाई का और खुद को निर्दोष सिद्ध करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सीबीआई पर इतना दबाव है कि वह विपक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना दोषी सिद्ध करने पर उतारू हो गई है।
रावत ने कहा कि उन्हें तो न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है लेकिन केंद्र सरकार को न्याय पालिका और किसी संस्थान पर भरोसा नहीं है। उसे सिर्फ सीबीआई, ईडी और बाहुबल पर ही भरोसा है। इनके द्वारा वह हर किसी की आवाज को दबाना चाह रही है। सीबीआई ने भरपूर कोशिश की कि कल ही सुनवाई हो जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सीबीआई इतने दबाव में क्यों है?
विधायकों की खरीद फरोख्त और स्टिंग मामले को लेकर हाईकोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान रावत नैनीताल में डेरा डाले रहे। दोपहर बाद जब सुनवाई की तिथि फिर बदली गई तो उन्होंने दोबारा पत्रकार वार्ता बुलाई। इससे पहले वह एक बार पत्रकार वार्ता कर चुके थे, जब इस मामले में सुनवाई की तिथि एक अक्तूबर तय हुई थी। शाम को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है और कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उसे स्वीकार करेंगे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह बात कोई भी व्यक्ति कह सकता है कि जब तक कोई अपराध घटित न हो कैसे किसी व्यक्ति पर किसी आपराधिक मामले में एफआईआर और चार्जशीट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से काम करते हुए उन्हें षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुकदमा तो उन लोगों पर होना चाहिए था जो कांग्रेस में डाका डालकर विधायकों को खरीद कर ले गए और विधायक आज भी उनके पाले में हैं। कहा कि आज जो निजाम है उसके राज में सब कुछ संभव है।
रावत ने कहा कि हाल यह है कि यदि किसी के घर चोरी डकैती पड़े तो उसे थाने नहीं जाना चाहिए, नहीं तो उसी पर मुकदमा हो जाएगा, जैसे हरीश रावत के ऊपर सीबीआई के माध्यम से केंद्र सरकार मुकदमा करवाना चाहती है। रावत ने कहा कि एक षड्यंत्र रचकर हमारी सरकार गिराई गई। कहा कि यह तो तथाकथित स्टिंगबाज अपने मुंह से कहता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही है तो सबसे पहला मुकदमा तो मनोहर लाल ठक्कर पर होना चाहिए, जो फरसा उठाकर एक व्यक्ति से कह रहे हैं कि तेरी गर्दन काट दूंगा। इस निजाम के राज में जो भी सरकार के खिलाफ बात करेगा उसे मुकदमे झेलने ही पड़ेंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक सरिता आर्या, रमेश पांडे आदि मौजूद थे।