मसूरी में आईटीबीपी की भूमि के बाद डोईवाला क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल की 14 बीघा भूमि के फर्जी कागजात बनाकर बेचने का मामला सामने आया है।
अब तक जालसाज 91 लाख रुपये अपनी जेब में भर चुके हैं। एसआईटी (भूमि) की जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने आरोपियों की संपत्ति सीज कर रकम वसूलने के आदेश दिए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि डोईवाला के अठूरवाला निवासी विकास डोभाल ने शिकायती पत्र देकर बताया था कि उसके पिता ने मंजीत निवासी मित्रवाला से 14 बीघा जमीन खरीदने का सौदा तय किया था।
चार लाख 80 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से 16 सितंबर 2010 को अनुबंध हुआ। दिसंबर में तीन लोगों के नाम पर रजिस्ट्री कराने के बाद 91 लाख 80 हजार रुपये लेकर मंजीत ने जमीन पर कब्जा दे दिया गया।
आईजी ने बताया कि एसआईटी से जांच कराई गई तो पता चला कि 2014 में डोईवाला में राज्य सरकार ने यह जमीन अधिग्र्रहीत कर एसएसबी को आवंटित की थी।
एआईटी जांच में सामने आया कि मंजीत सिंह ने प्रेम थापा निवासी बुल्लावाला और अमीर अहमद के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया। इन लोगों ने भू स्वामी जयपाल और जयवीर के नाम से पंजाब एंड सिंध बैंक में खाते खुलवाए। यही नहीं उनके फर्जी पहचान पत्रों का भी रजिस्ट्री में इस्तेमाल किया गया।
एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर डोईवाला में मुकदमा दर्ज कर मंजीत, प्रेम थापा और अमीर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। आईजी ने डोईवाला निरीक्षक पंकज गैरोला, एसआईटी के उप निरीक्षक महेंद्र सिंह चौहान आदि को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।