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Joshimath: हाथी पहाड़ पर बेकाबू हुई आग, टैया पुल के पास भी जल रहीं पहाड़ियां, यहां भी दो दिन से धधक रहा जंगल

Mon, 20 Feb 2023 03:51 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ/बागेश्वर

सार

हाथी पहाड़ पर आग लगने की सूचना मिलने पर वन विभाग के फायर वाचर और अन्य कर्मचारी आग बुझाने के लिए पहुंचे लेकिन आग की लपटें तेज होने से कर्मचारी आग नहीं बुझा के। यहां रातभर आग भड़कती रही। 
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हाथी पहाड़ पर भड़की आग - फोटो : अमर उजाला
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हाथी पहाड़ पर भड़की आग दूसरे दिन भी नहीं बुझ सकी। अब आग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंच गई है जिससे कई हेक्टेयर वन संपदा जल गई है। वहीं, बदरीनाथ हाईवे पर स्थित टैया पुल के समीप की पहाड़ियों पर भी शनिवार देर शाम से आग लगी है। दोनों जगहों पर आग बुझाने के लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन प्रभाग की 55 सदस्यीय टीम जुटी हुई है।

हाथी पहाड़ पर शनिवार को दोपहर बाद आग लग गई थी। सूचना मिलने पर वन विभाग के फायर वाचर और अन्य कर्मचारी आग बुझाने के लिए पहुंचे लेकिन आग की लपटें तेज होने से कर्मचारी आग नहीं बुझा के। यहां रातभर आग भड़कती रही। इस पहाड़ी पर घुरड़, हिरन व अन्य दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के आवास हैं। आग लगने से वन्य जीवों पर भी संकट खड़ा हो गया है।

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रविवार को भी वन विभाग की 35 सदस्यीय टीम आग बुझाने में लगी रही, लेकिन देर शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। टैया पुल के समीप की पहाड़ी पर भी आग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंच गई है। यहां हरे पेड़-पौधे भी आग की भेंट चढ़ गए हैं। यहां आग बुझाने में वन विभाग के 20 कर्मचारी लगे हैं।

आग बुझाने के प्रयास 
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वन क्षेत्राधिकारी गौरव नेगी ने बताया कि हाथी पहाड़ पर सूखी घास है, यहां वन क्षेत्र नहीं है। सूखी घास पर आग अधिक तेजी से फैल रही है। आग बढ़ने से वन्य जीव ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चले जाते हैं। आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। टैया पुल के समीप की पहाड़ी पर भी आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


बागेश्व: दो दिन से धधक रहा लीतीपौढूंगा वन पंचायत का जंगल

फायर सीजन की शुरूआत में ही जंगल धधकने लगे हैं। कपकोट विकासखंड के दूरस्थ इलाके लीतीपौढूंगा के वन पंचायत का जंगल दो दिन से धधक रहा है। रविवार को गांव के लोगों और वन कर्मियों ने आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। यह इलाका पिथौरागढ़ जिले की सीमा से सटा है। देखते ही देखते आग ने जंगल के काफी हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। रात का समय होने के कारण गांव के लोग आग बुझाने नहीं जा पाए। आग ने रविवार सुबह भीषण रूप धारण कर लिया।

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महिलाएं आग बुझाने के लिए जंगल पहुंची

लीती वन पंचायत की सरपंच नंदी देवी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष धना कोरंगा के नेतृत्व में महिलाएं आग बुझाने के लिए जंगल पहुंच गईं। बड़ी संख्या में गांव के पुरुष भी आग बुझाने में जुट गए। जंगल में आग लगने की सूचना वन विभाग को दी गई। वन रक्षक दीपक नौटियाल के नेतृत्व में वन विभाग के श्रमिक मौके पर पहुंचे।

लोगों ने पेड़ की हरी टहनियां तोड़कर किसी तरह आग के दायरे को कम किया। रविवार की शाम तक काफी हद तक आग पर काबू पा लिया गया था। आग बुझाने में देवकी देवी, शेर सिंह, खड़क सिंह, खीम सिंह, खड़क सिंह द्वितीय समेत कई लोग जुटे रहे।

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लोगों के खेतों तक पहुंच गई थी आग

बागेश्वर। लीती वन पंचायत के जंगल में लगी आग खेतों तक पहुंचने लगी तो लोगों के हाथ-पांव फूल गए। वन पंचायत का यह जंगल आबादी से सटा और लीती-गोगिना सड़क से लगा है। लोगोंं ने बमुश्किल खेतों तक पहुंची आग को बुझाया। वन पंचायत सरपंच नंदी देवी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष धना कोरंगा ने वन विभाग से आग बुझाने के लिए उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।

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