मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा के मुताबिक पिछले साल वनाग्नि दुर्घटना से 3927 हेक्टेयर जंगल को नुकसान हुआ जबकि तीन लोग घायल हुए थे। प्रदेश में अप्रैल महीने में आग की 1600 से अधिक घटनाएं हुई। इससे गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के वन क्षेत्रों में वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। एक अप्रैल को जंगल में आग की 154 घटनाएं थी। जबकि 30 अप्रैल तक इनकी संख्या बढ़कर 1791 हो गई।