अब पेड़ लगाने से केवल हरियाली ही नहीं मिलेगी, बल्कि पैसा भी मिलेगा। चौंकिए नहीं यह सच है।
वन विभाग ने उत्तराखंड में आरईडीडी प्लस योजना (रिड्यूशिंग इमिशंस फ्रॉम डिफारेस्ट्रेशन एंड फारेस्ट डिग्रेडेशन) को लागू कर दिया है। इसमें वन पंचायतों को सीधे जोड़ा गया है।
वन अधिनियम के कारण लोगों को नियम-कानून का ज्यादा पालन और व्यवहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोगों का लगाव जंगल से कम हो रहा है। जंगल को आम आदमी से जोड़ने के लिए आरईडीडी प्लस योजना शुरू की गई है।
उत्तराखंड में योजना संचालित करने की जिम्मेदारी तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ डॉ. पराग मधुकर धकाते को सौंपी गई है। उन्हें योजना का नोडल अफसर बनाया गया है।