वन विभाग में कार्यरत कई अधिकारी वर्तमान तैनाती स्थल का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद भी सालों से एक ही कुर्सी पर जमे हैं। इस संबंध में एक प्रकरण में तो दो-दो बार एक सहायक वन संरक्षक (एसडीओ) के तबादला आदेश हो चुके हैं, लेकिन एसडीओ अभी भी अपने पहले तैनाती स्थल पर जमे हुए हैं।
शासन के आदेशों की अवहेलना के चलते वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। शासन की ओर से 21 अक्तूबर 2022 को पांच एसडीओ को इधर से उधर किया गया था। लेकिन इनमें से कुछ ने नए तैनाती स्थल पर अपना योगदान सुनिश्चित नहीं किया।
नए तैनाती स्थाल पर ज्वाइन नहीं किया
एक मामले में तो एक एसडीओ के पहले तबादला आदेश में उन्हें तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर से तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी भेजा गया था। संबंधित अधिकारी ने एक साल तक नए तैनाती स्थल पर ज्वाइन ही नहीं किया। इसके बाद दूसरे तबादला आदेश में शासन ने उन्हें तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी से चंपावत वन प्रभाग में स्थानांतरित कर दिया।