आपराधिक घटनाओं में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में अब फोरेंसिक वैन उत्तराखंड पुलिस की मदद करेगी।
पुलिस मुख्यालय से रवाना हुई तीन वैन
डीजीपी बीएस सिद्धू ने ऐसी तीन वैन को पुलिस मुख्यालय से रवाना किया। वैन घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटाएंगी।
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश की विधि विज्ञान प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण की कड़ी में तीन वैन मिली हैं।
एक वैन देहरादून में रहकर गढ़वाल रेंज के दून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, पौडी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के घटनास्थलों को कवर करेगी।
दूसरी वैन रुद्रपुर और तीसरी अल्मोड़ा में रहेगी, जो कु माऊं क्षेत्र के जिलों में घटित होने वाले अपराधों में साक्ष्य जुटाने का काम करेंगी। बताया कि एक और वैन जल्द मिलने वाली है। इसे प्रयोगशाला के सुपुर्द किया जाएगा।
यह रहेंगी सुविधाएं
वैन मेटल डिटेक्शन किट, नारकोटिक्स ड्रग किट, डीएनए किट, ब्लड किट, सीमेन डिटेक्शन किट आदि से लैस रहेगी।
घटनास्थल से फिंगर प्रिन्ट, खून के धब्बे, कारतूस के खोखे, टायर प्रिंट, बाल का नमूना लेने का काम वैन में किया जाएगा। इसके अलावा मादक पदार्थों अफीम, चरस, स्मैक और जाली नोटों के बारे में मौके पर प्राथमिक परीक्षण कर रिपोर्ट देगी।