पीएफ के बकाया पर लगने वाला जुर्माना पर्सनल लोन से भी महंगा है। ईपीएफओ कमिश्नर मनोज कुमार यादव ने बताया कि बकाया दो महीने से कम होने पर पांच प्रतिशत, दो से चार माह होने पर 10 प्रतिशत, चार से छह माह होने पर 15 प्रतिशत और छह माह से ऊपर होने पर 25 प्रतिशत जुर्माना लगता है।
इसके साथ ही 12 प्रतिशत ब्याज भी लगता है। यह हर महीने का जुर्माना है। यानी अगर किसी कंपनी के ऊपर पीएफ का छह माह से अधिक बकाया हो चुका है तो उसे 25 प्रतिशत जुर्माने के साथ ही 12 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज भी देना होगा। यह रकम हर महीने बढ़ती जाएगी।