बाव के चलते विवाह कराकर धर्म परिवर्तन हुआ है तो विवाह शून्य हो जाएगा
यदि कृत्य किसी एससी-एसटी परिवार के साथ किया जाता है तो सजा दो से सात साल की अवधि के लिए होगी। यहीं नहीं यदि छलावे या दबाव के चलते विवाह कराकर धर्म परिवर्तन हुआ है तो ऐसी दशा में विवाह शून्य हो जाएगा।
यदि किसी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करना है तो वह धर्म परिवर्तन की तिथि से एक माह पहले संबंधित जिलाधिकारी के यहां आवेदन करना होगा। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही संबंधित व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकेगा।
यदि कोई संस्था धर्म परिवर्तन को सामूहिक आयोजन करती है तो इसके लिए जिलाधिकारी से एक माह पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के पदाधिकारी को तीन माह से लेकर एक साल की सजा हो सकती है।